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आसाराम केस: एक ही तरीके से क्यों हुए दोनों गवाहों के कत्ल?

Thu, 15 Jan 2015 08:57 AM IST
कपिल कुमार/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
कपिल कुमार/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 15 Jan 2015 08:57 AM IST
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two witnesses killed in asaram case.

आसाराम बापू के खिलाफ गवाह अखिल की हत्या मिस्ट्री बन चुकी है। अभी तक की पुलिस की तफ्तीश का हर बिंदु आसाराम प्रकरण की ओर इशारा कर रहा है। अखिल से पहले इंदौर में एक और गवाह वैद्य अमृत प्रजापति की हत्या का पैटर्न भी ऐसा ही था। केस के पीछे ऐसा न जाने क्या था कि पुलिस दो कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई। कमोवेश यही हालात अखिल के मर्डर की जांच के हैं।

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संत आसाराम के रसोइए अखिल गुप्ता की हत्या को चार दिन हो चुके हैं। पुलिस की अभी तक की तहकीकात में इशारा आसाराम प्रकरण की ओर ही है। हालांकि पुलिस अफसर दूसरे बिंदुओं को भी खंगालने में जुटे हैं। जिस तरीके से वारदात के बाद पुलिस टीम अहमदाबाद में डेरा डाले हैं, उससे यह साफ है कि गवाह की हत्या का लिंक वहीं से जुड़ा है। अखिल से लूट नहीं हुई, दुकान की नगदी भी स्कूटर में मिली। रंजिश का भी कोई क्लू सामने नहीं आया।
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अखिल से पहले इंदौर में आसाराम के खिलाफ गवाह अमृत प्रजापति की हत्या की थ्योरी खंगाली गई तो कई समानताएं मिलीं। मसलन, हत्यारों की संख्या दो ही थी। इंदौर और मुजफ्फरनगर में दोनों जगह वारदात में हत्यारों ने बाइक का ही इस्तेमाल किया। सबसे अहम पहलू यह है कि अमृत को पुलिस सुरक्षा भी मिली हुई थी। सुरक्षा कर्मी खाना खाने चला गया। जैसे ही अमृत क्लीनिक से बाहर आए, एक युवक ने बीमार होने का नाटक कर नजदीक से गोली मार दी। कई दिन अस्पताल में जद्दोजहद के बाद घायल अमृत ने दम तोड़ दिया था। पुलिस इस मामले में अभी तक कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसी ही स्थिति फिलहाल अखिल गुप्ता केस में दिखाई देती है।
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अधिकारिक तौर पर पुलिस अफसर भले ही कुछ न कहें, लेकिन उनका इशारा यह भी है कि हो सकता है कि दोनों गवाहों की हत्याओं में एक ही शूटर इस्तेमाल किए गए हों। अहमदाबाद गई पुलिस की टीम से भी अधिकारियों को फिलहाल कोई पुख्ता जानकारी हाथ नहीं लगी है। सूरत की दो बहनों से यौन उत्पीड़न के मामले में अखिल के साथ ही इंदौर का अमृत प्रजापति भी सरकारी गवाह था।

अखिल हीरे जैसा था, उसे मैं क्यों मरवाऊंगा : बापू

two witnesses killed in asaram case.

शाहजहांपुर की एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर की जेल में बंद आसाराम बापू की मंगलवार को कोर्ट में पेशी थी। इस दौरान मीडिया ने जब उनसे मुजफ्फरनगर में रसोइए अखिल गुप्ता की हत्या किए जाने का सवाल किया तो बापू ने कहा कि मुझे खाना खिलाने वाला अखिल तो हीरे जैसा था, उसकी हत्या से मुझे चोट लगी है। मैं अखिल को क्यों मरवाऊंगा। एक अन्य गवाह वैद्य अमृत प्रजापति की हत्या के सवाल पर आसाराम ने कहा कि उस वारदात से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

पीड़िता के पिता बोले, सिर पर मंडरा रही मौत
जोधपुर दुष्कर्म मामले के वादी शाहजहांपुर निवासी पीड़िता के पिता ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि हमारे सिर पर मौत मंडरा रही है। एक-एक कर सारे गवाह मारे जा रहे हैं। जोधपुर में केस की पैरवी के लिए पुलिस सुरक्षा में ठहरे पिता ने बताया कि अमृत प्रजापति की हत्या के बाद अखिल गुप्ता को भी ठिकाने लगा दिया गया। अहमदाबाद आश्रम में अखिल को बापू की सेवा करते देखा था। वह आसाराम के बेहद नजदीक था। उनके केस में पानीपत के महेंद्र चावला और कानपुर के राहुल सचान भी गवाह हैं। बीते 16 माह में कारोबार ठप हो चुका है। मुकदमे की पैरवी को आने-जाने में मुसीबत झेलनी पड़ रही है। मुजफ्फरनगर में अखिल की हत्या के बाद शाहजहांपुर के सीओ सिटी से उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पीड़िता के पिता का कहना है कि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराए तो असली कातिल सामने आ जाएगा।

आश्रम से कर्मचारी उठाए
अखिल गुप्ता केस में सुरागरसी के लिए पुलिस ने रुड़की रोड स्थित एक आश्रम से पूछताछ के लिए कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। कर्मचारियों से आसाराम के सेवादारों की आवाजाही और आश्रम में ठहरने वाले लोगों के बारे में सवाल-जवाब किए गए। फिलहाल पुलिस को यहां से भी कातिलों का कोई सुराग नहीं मिला है।

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