डीएम आवास और पुलिस के सामने यूपी में दो 'आत्मदाह'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेवजह की बदनामी से परेशान होकर छात्रा ने जब आत्मदाह का खतरनाक कदम उठाया तब जाकर बरेली पुलिस को होश आया। डीएम आवास पर बुधवार की सुबह आत्मदाह करने की कोशिश करने वाली छात्रा को बदनाम करने वाले लड़के मानू को देर रात सुभाषनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अभी यह नहीं बता रही है कि उसे कहां से पकड़ा गया है। मानू के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है। बृहस्पतिवार को उसे जेल भेजा जाएगा।
सुभाषनगर इलाके में रहने वाली एक युवती के परिवार का घर के सामने ही रहने वाले लेखपाल के परिवार से रास्ते का विवाद चल रहा है। लेखपाल ने अपने घर में दुकान भी खोल रखी है। युवती के मुताबिक इस दुकान पर खड़े होने वाले शोहदे अक्सर उस पर और उसकी बहन पर फब्तियां कसते रहते थे। पिछले दिनों दो लड़कों ने कहीं से उसका फोटो हासिल कर उसके पोस्टर बनवा लिए और उन पर अश्लील टिप्पणियां लिखकर जगह-जगह चस्पा कर दिए। युवती की तरफ से इस मामले में मानू और उसके मामा के बेटे के खिलाफ सात नवंबर को थाना सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट लिखाई गई थी लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की।
युवती का कहना है कि पुलिस की ढिलाई से आरोपी उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसे फोन पर अपहरण की धमकियां दी जा रही हैं। उसे उसकी रिश्तेदारी में भी बदनाम किया जा रहा है। इससे तनावग्रस्त युवती बुधवार सुबह सात बजे ही बोतल में मिट्टी का तेल लेकर डीएम आवास के सामने पहुंच गई। उसने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की तो गेट पर बैठे सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर महिला पुलिस को बुला लिया। महिला पुलिस उसे थाने ले गई। चूंकि मामला सुभाषनगर थाने का था इसलिए उसे वहां भेज दिया गया। दोपहर तक थाने में बैठी युवती आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करती रही। देर शाम उसे आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर घर भेज दिया गया। देर रात पुलिस ने मानू को गिरफ्तार कर लिया।
यही हरकत छोटी बहन के साथ की थी
युवती ने बताया कि एक साल पहले इन्हीं आरोपियों ने उसकी बहन के फोटो के साथ भी अश्लील बातें लिखकर मोहल्ले में पोस्टर चस्पा कर दिए थे। यही नहीं आरोपियों ने पोस्टर पर उसकी बहन का फोन नंबर तक लिख दिया था। शिकायत करने के बाद पुलिस ने मानू को पकड़ लिया। उसने अपना जुर्म भी कबूल किया था लेकिन उसे सिर्फ माफी मंगवाकर छोड़ दिया गया। कोई सजा न मिलने के कारण आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए।
आनन-फानन में कपड़े बदलवाए
युवती के आत्मदाह की कोशिश की जानकारी पर उसके घरवाले सुभाषनगर थाने पहुंच गए। युवती के कपड़े मिट्टे के तेल से भीगे थे। यह देख पुलिस ने घरवालों से दूसरे कपड़े मंगवाए और युवती के भीगे कपड़े थाने में ही बदलवा दिए गए।
पुलिस के सामने ही व्यक्ति ने खुद को आग लगाई
बागपत में बड़ौत के बड़का रोड निवासी एक महिला द्वारा गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसका बयान लेने पहुंचे एसआई और महिला कांस्टेबिल के व्यवहार से क्षुब्ध होकर पीड़ित महिला के पति ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। पीड़ितों ने कोतवाली और सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। महिला के पति का आरोप है कि उसके ऊपर एसआई ने ही मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर मारने की कोशिश की है। घायल को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। वह 30 प्रतिशत जला है। पुलिस ने एसआई की तहरीर पर आत्महत्या करने और पुलिस से अभद्रता करने का मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी ने भी मौके पर पहुंचे जानकारी की।
बड़का रोड निवासी एक महिला का आरोप है कि उसके साथ देवर समेत पांच लोगों ने गैंगरेप किया है। इसको लेकर पीड़ित महिला मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंची थी। लेकिन उसे पुलिस ने धमका कर भगा दिया था। रात में उसकी तहरीर पर तीन लोगों को नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ गैंगरेप का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया था। एक आरोपी कपिल को पूछताछ के लिए हिरासत में भी ले लिया था। बुधवार को महिला का मेडिकल कराया गया और स्लाइड जांच के लिए भेजी गई। इस दौरान महिला के परिजन पुलिस पर धमकाने और फैसला करने का दबाव बनाने के लिए गाली- गलौज करने का आरोप लगा रहे थे।
मेडिकल परीक्षण के बाद जब महिला अपने घर पहुंची तो घर एसआई फिरोज अख्तर और महिला कांस्टेबल अनुराधा बयान लेने और वीडियोग्राफी करने पहुंचे। इसी दौरान महिला के पति सुनील ने पुलिस के सामने ही मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। वह घर से बाहर निकला और सड़क पर भरे पानी में जा गिरा। वहां से पैदल चिल्लाता हुआ कि पुलिस ने उसे जान से मारने का प्रयास किया है, कोतवाली पहुंचा। कोतवाली में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए सीएचसी भेजा। वहां जमकर हंगामा हुआ। महिला के पति सुनील और परिजनों ने सीएचसी में पुलिस पर जलाने का आरोप लगाया। एएसपी विद्या सागर मिश्रा, सीओ सीपी सिंह ने घटना स्थल का दौरा किया और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि सुनील ने स्वयं मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाई है। परिजन बिना वजह पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं और गैंगरेप का मामला भी प्रथम दृष्टा झूठा साबित हो रहा है। इसकी जांच कराई जा रही है।
एएसपी और सीओ से उलझे
जिस समय एएसपी और सीओ सीएचसी में डॉक्टर से जानकारी ले रहे थे तो उसी समय सुनील का भाई अनिल और उसकी मां पुलिस से उलझ गई। एसआई पर जलाने का आरोप लगाया। कई घंटे तक हंगामा चला। शिकायत डीआईजी और आईजी से करने की बात कही।
सीएचसी पर तपड़ता रहा सुनील
जिस समय सीएचसी में सुनील को मेडिकल के लिए लाया गया तो वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसके शरीर पर मात्र पानी डालकर बाहर खड़ा कर दिया। वह दर्द से चिल्लाता रहा। बाद में मेरठ के लिए रेफर किया गया। आरोप है कि सीएचसी पर ठीक से इलाज नहीं किया गया। दर्द से राहत के लिए दवा नहीं दी।