पाक ने दो और आतंकियों को फांसी पर लटकाया
पाकिस्तान ने बुधवार को दो और दोषी आतंकियों को फांसी दे दी। जिन दो आतंकियों को बुधवार को फांसी पर लटकाया गया वे हैं, अहमद अली उर्फ शेषनाग और गुलाम शब्बीस उर्फ फौजी उर्फ डॉक्टर। ये दोनों ही प्रतिबंधित संगठन से संबद्ध थे।
इन दोनों को बुधवार सुबह मुल्तान की सेंट्रल जेल में फांसी दी गई। पाकिस्तान में सरकार स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार गुटों द्वारा की जा रही आलोचना के बावजूद आतंकियों को फांसी देने में लगी है।
पेशावर में एक फौजी स्कूल में बेगुनाह मासूम छात्रों की मौतों के बाद पाकिस्तान में छह साल के बाद पिछले महीने फांसी पर लगाई रोक हटा दी गई थी। इसके चलते इसके बाद बुधवार तक अब तक फांसी पर लटकाए जाने वालों की तादाद नौ पहुंच गई है।
दोनों की दया याचिका हो गई थी नामंजूर
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के मुताबिक फांसी पर लटकाया गया अहमद अली झंग जिले के शेरकोट का बाशिंदा था। उन्हें 1988 में तीन लोगों की हत्या करने के आरोप में फांसी दी गई।
गुलाम शब्बीर खानेवाल के तालम्बा इलाके का रहने वाला था। शब्बीर ने सन 2000 में उप पुलिस अधीक्षक अनवर खान और उनके ड्राइवर गुलाम मुर्तजा की बोहर गेट में हत्या कर दी थी।
उसे 2002 में विशेष आतंक-रोधी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। दोषी की दया याचिका पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने नामंजूर कर दी थी और आंतक-रोधी अदालत ने उनके वारंट जारी कर दिए थे।