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मोदी की रैली में होना था सुसाइड ब्लास्ट

Thu, 27 Mar 2014 12:28 PM IST
Updated Thu, 27 Mar 2014 12:28 PM IST
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two terrorist caught in ayodhya

आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के कमांडर वकास, तहसीन अख्तर और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने बुधवार शाम यूपी से दो संदिग्ध पाक आतंकियों को गिरफ्तार किया।

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इन आतंकियों को गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल दिल्ली में इनसे पूछताछ की जा रही है।

खबरों के मुताबिक मोदी की गोरखपुर रैली इनके निशाने पर थी। बताया जा रहा है कि रैली में आत्मघाती हमले का प्लान तैयार किया जा रहा था।

दिल्‍ली में हो रही है आतंकियों से पूछताछ

two terrorist caught in ayodhya

पिछले दिनों गिरफ्तार हुए आईएम आतंकियों से दिल्ली में पूछताछ चल रही है। इनसे कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ चुकी है। इसमें आईएम द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण राजनेताओं को निशाना बनाए जाने की साजिश का भी खुलासा हो चुका है।

इसी क्रम में खुफिया एजेंसियों को इन आतंकियों के कुछ सहयोगियों के बारे में पता लगा था। इस सूचना पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने यूपी एटीएस के अधिकारियों से संपर्क किया।

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ऐसे गिरफ्तार किए गए ये आतंकी

two terrorist caught in ayodhya

खबर के मुताबिक ये लोग रक्सौल बॉर्डर से भारत में घुसे और गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर इनको गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार किए गए बरकत और मुजम्मिल से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उन्होंने माना कि वे पाकिस्तान के निवासी हैं। लेकिन वे यहां क्या कर रहे हैं, इसका वह दोनों ही कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे।

एटीएस के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही पूछताछ में अपने कई अलग-अलग नाम बता रहे हैं। इनसे मिली जानकारी की तस्दीक की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में इतना स्पष्ट हो चुका है दोनों ही आतंकी संगठन के सदस्य हैं।

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आतंकियों के पास मिली AK-47

two terrorist caught in ayodhya

ताजा खबरों के मुताबिक एटीएस ने इन आतंकियों के पास से एके-47, तीन पिस्टल और डेटोनेटर भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन आतंकियों द्वारा बनाया गया हमले का प्लान जानने की कोशिशों में जुटी हैं।

यह भी संभव है कि इनको और भी कुछ साथी यूपी में छुपे हुए हों, एटीएस इनसे पूछताछ में ये भी पता करने की कोशिश करेगी कि यूपी में इनके मददगार कौन लोग हैं।

अब ये तो साफ है कि ये आतंकी नेपाल से आए हैं और मोदी की रैली इनका निशाना थी। लेकिन अब चुनौती ये है कि लोकतंत्र के इस महापर्व के दौरान आतंकियों के मंसूबे सफल ना हो पाएं।

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