अमर उजाला हमला: दो आरोपी गए जेल, मिली अश्लील सामग्री
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अमर उजाला के आगरा दफ्तर पर मंगलवार शाम हमला करने वाले नारायण साई समर्थकों में से मौके से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को सिकंदरा थाना पुलिस ने बुधवार सुबह कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इन दोनों से पूछताछ में तीन और हमलावरों के नाम सामने आए हैं। इनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। इनके अलावा फरार 15 मुल्जिमों की पहचान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इनके खिलाफ जानलेवा हमला, तोड़फोड़, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने की संगीन धाराओं ( 307, 147,148, 452, 323, 323, 504, 506, 427) में केस दर्ज किया गया है।
बता दें, दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साई के 20-25 समर्थक मंगलवार शाम जबरन अमर उजाला दफ्तर में घुस आए। इन्होंने तोड़फोड़ की और इनके हमले में चार पत्रकार घायल हो गए।
गला दबाकर मारने की कोशिश
इनमें से एक का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई थी। अमर उजाला कर्मियों के एकत्र होने पर भागते हमलावरों में दो पकड़े गए। सूचना पर आई सिकंदरा थाने की पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हमलावर 20 सितंबर को भोपाल डेटलाइन से नारायण साई के बारे में छपी खबर को लेकर बवाल मचा रहे थे। यह खबर नारायण साई की पत्नी जानकी हरपलानी द्वारा इंदौर के खजराना थाना में दी गई शिकायत पर आधारित है जो अमर उजाला समेत सभी प्रमुख समाचार पत्रों में छपी और उस दिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खी बनी थी।
पुलिस ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपी सदर बाजार निवासी देवेश अग्रवाल और शमसाबाद रोड निवासी हरिओम हैं। इन्होंने मोहित, मनीष और विकास के नाम बताए हैं।
मोबाइल में मिली पोर्न क्लिप
खुद को आसाराम बापू का पक्का अनुयायी बताने वाले नामजद आरोपी देवेश अग्रवाल का मोबाइल चेक किया तो पुलिस हैरान रह गई। इसमें कई दोस्तों के साथ अश्लील चैट और कई पोर्न वीडियो क्लीपिंग थीं। इस बारे में पूछा गया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।
जेल भेजे गए दूसरे आरोपी हरिओम से पुलिस ने पूछा कि उसे नारायण साई के बारे में छपी खबर से क्या ऐतराज था? उसने जवाब दिया कि उसने खबर पढ़ी नहीं है। न ही उसे यह मालूम है कि खबर में क्या छपा है? उससे तो फोन पर कहा गया था कि अमर उजाला दफ्तर में जाकर हंगामा करना है।