तेलंगाना में मारे गए बिजनौर से भागे आतंकी
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तेलंगाना के नालगोंडा जिले में पुलिस के साथ शुक्रवार रात हुई मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन सिमी के दो कुख्यात सदस्य मारे गए। पुलिस ने इनकी पहचान मोहम्मद एजाजुद्दीन और मोहम्मद असलम के तौर पर की है।
पिछले साल 12 सितंबर को यूपी के बिजनौर में हुए बम धमाके से भी इसके तार बताए जा रहे हैं। तीन अक्तूबर 2013 को पांच अन्य साथियों के साथ ये दोनों मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित तांत्या भील जेल से फरार हो गए थे।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस कांस्टेबल नागा राजू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस इंस्पेक्टर बाला गंगी रेड्डी और सब इंस्पेक्टर सिद्धैया गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन दोनों को हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मारे गए दोनों सिमी सदस्य दो दिन पहले नालगोंडा जिले के सूर्यपेट इलाके में स्थित बस स्टेशन पर हुई गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल थे। इस घटना में दो पुलिसकर्मी मारे गए थे, जबकि तीन लोग जख्मी हो गए थे।
पिछले साल बिजनौर में हुए धमाके से जुड़े थे तार
खबरों के मुताबिक, नालगोंडा पुलिस को सूचना मिली कि जिले के सीतारामपुरम गांव में कुछ बंदूकधारियों ने शरण ले रखी है। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात गांव में दबिश दी। पुलिस को देखते ही इन लोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी और वहां से भाग खड़े हुए।
यहां से ये लोग अरवापल्ली गांव में पहुंचे। जब पुलिस इनका पीछा करते हुए यहां पहुंची तो ये लोग डी कोथापल्ली गांव की छोटी पहाड़ियों पर पहुंच गए। पुलिस ने पहाड़ी को चारों ओर से घेर लिया।
हालांकि यहां से भी ये लोग पास के जानकीपुरम में भागने में कामयाब रहे। पुलिस के साथ जानकीपुरम फिर मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस कांस्टेबल नागा राजू की मौत हो गई, जबकि पुलिस की गोलीबारी में ये दोनों मारे गए।
मुठभेड़ में एक कांस्टेबल की भी मौत
घटना के बाद नालगोंडा जिले में अफरा तफरी का माहौल है। तेलंगाना के डीजीपी अनुराग शर्मा ने खुद घटनास्थल का दौरा किया। मुठभेड़ के बाद इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सिमी के बाकी अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
क्या हुआ था बिजनौर में
पिछले साल 12 सितंबर को एक धमाके से यूपी का बिजनौर जिला दहल गया था। तेलंगाना में मारे गए एजाजुद्दीन और असल ने ही इस धमाके को अंजाम दिया था। एजादुद्दीन गिरोह का सरगना था। कुछ महीने पहले बिजनौर में एक विधवा के मकान में गलत पहचान बताकर ये दोनों किराएदार के रूप में रह रहे थे।
मकान में ही बम बनाते समय धोखे से धमाका हो गया था। धमाके में ये दोनों भी जख्मी हो गए थे। इसी के बाद से ये दोनों फरार चल रहे थे। पूरे पश्चिमी यूपी में इनकी तलाश चल रही थी।