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एटा: आग से जिंदा जले दो मासूम, बवाल

Wed, 25 Nov 2015 01:44 AM IST
Updated Wed, 25 Nov 2015 01:44 AM IST
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two child burns alive in Etah.

एटा में एक तीन मंजिला भवन के तीसरे फ्लोर पर लगी आग में जलकर दो बच्चों अंश (8) और संजीव (5) की मौत हो गईं। बच्चों की मौत और आग बुझाने में हुई देरी पर लोग भड़क उठे।

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गुस्साए लोगों ने हाईवे पर पुलिस वैन, दमकल गाड़ी और नगर पालिका के ट्रैक्टर में आग लगा दी। रोडवेज बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी को फूंक दिया। पुलिस-पीएसी ने आंसू गैस छोड़कर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव कर दौड़ा लिया।
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तीन घंटे तक रोडवेज बस स्टैंड से लेकर घंटाघर तक अराजकता का माहौल रहा और पुलिस बेबस बनी रहीं। बाद में सीआरपीएफ ने लाठी चार्ज कर स्थिति को काबू में किया।
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अर्द्धसैनिक बलों ने काबू में की स्थिति

two child burns alive in Etah.

शासन ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेएन दोहरे व लीडिंग फायरमैन निरंजन प्रसाद को प्रथम दृष्टया कर्तव्यपालन में शिथिलता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। डीएम निधि केसरवानी ने मृतक बच्चों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद करने की बात कही है।

ये दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह 10:30 बजे कचहरी रोड स्थित फर्नीचर कारोबारी सुनील सक्सेना के मकान में हुआ। मरने वाले बच्चों में अंश सुनील का और संजीव उनके कर्मचारी का बेटा था। मकान में भूतल पर फर्नीचर का शोरूम है और ऊपर सुनील सक्सेना व धर्मपाल परिवार सहित रहते हैं।

घटना के वक्त अंश और संजीव तीसरी मंजिल पर खेल रहे थे। खेल-खेल में इन्होंने बिजली के तार में आग लगा दी। आग फैलती देख सुनील की पत्नी रजनी ने इसकी जानकारी नीचे जाकर शोरूम पर दी। सुनील व अन्य लोग ऊपर भागकर ऊपर पहुंचे लेकिन तब तक आग पूरी मंजिल पर फैल चुकी थी और दोनों बच्चे उसमें घिर गए थे।

तीसरी मंजिल पर लगी आग

two child burns alive in Etah.

सूचना के आधा घंटे बाद पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन वे तीसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंचा पाए। बाद में दूसरा दमकल वाहन पहुंचा और आग बुझाई। तब स्थानीय लोग पड़ोस के मकान की छत से सीढ़ी लगाकर तीसरी मंजिल पर पहुंचे, तब तक दोनों बच्चों की आग में झुलसकर मौत हो गई थी।

लगभग 12 बजे जैसे ही दोनों बच्चों के शव नीचे पहुंचे लोग भड़क उठे। तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। हाईवे के किनारे की दुकानों में तोड़फोड़ की। एक साइकिल और ठेली में आग लगा दी।

हालात काबू में आने के बाद डीएम एसएसपी मौके पर पहुंचे। सुनील ने बताया कि वो दमकल कर्मियों से आग बुझाना छोड़ बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन दमकल और पुलिसकर्मियों ने बच्चों को बचाने की कोशिश नहीं की। इसी वजह से लोगों में गुस्सा भड़का।

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