आर्थिक आधार पर आरक्षण पर राजस्थान में घमासान
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राजस्थान में आर्थिक आधार पर सवर्णों को दिए गए आरक्षण को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच खींचतान शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस तरह से दिए जा रहे आरक्षण को असंवैधानिक बताया है।
चिकित्सा मंत्री ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि पायलट सियासी लाभ लेने के लिए ऐसे बयान जारी कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि पायलट भूल गए कि कांग्रेस शासन में भी उनकी सरकार ने विधानसभा के अंदर और बाहर आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू कर उसे पारित करने का मंतव्य जताया था। अच्छा होता पायलट कांग्रेस के घोषणा पत्र को पढ़ लेते।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक पहलूओं का अध्ययन करने और विशेषज्ञों की राय लेने के बाद सवर्णों को आर्थिक आधार पर 14 प्रतिशत और अति पिछड़ा वर्ग को अलग से पांच प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पारित किया है।
संविधान के डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल का अध्ययन किया
इसके लिए संविधान के डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल का अध्ययन किया गया है। प्रीयबंर्स और इंदिरा साहनी केस की स्टडी भी की गई है।
गौरतलब है कि बुधवार को विशेर्ष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) और आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए दोनों के लिए अलग अलग संकल्प विधानसभा में पारित किए गए।
इन दोनों शासकीय संकल्पों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अगर एसबीसी और ईबीसी का आरक्षण संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कर लिया जाता है, तो इस पर कोर्ट में रोक नहीं लग सकेगी।