महंगाई पर जनता परेशान, भाजपा-कांग्रेस में घमासान
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आसमान छूती महंगाई से बदहाल जनता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है।
कांग्रेस ने दालों के बढ़ते दाम के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहरा दिया है। वहीं भाजपा ने महंगाई को लेकर कांग्रेस पर ही पलटवार कर दिया है। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार अगर दालों के आयात का फैसला समय पर ले लेती तो आज यह हालात नहीं होते।
वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से देश महंगाई झेल रहा है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि पिछले कई सालों से देश में दाल की मांग के मुकाबले इसका उत्पादन कम हो रहा है।
मांग पूरी करने के लिए दालों का लगभग 40 लाख टन से ऊपर आवश्यकता अनुसार आयात किया जाता है। तब जाकर मांग पूरी होती है।
सरकार नहीं कांग्रेस जिम्मेदार
शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार अभी सिर्फ पांच हजार टन के लगभग दाल आयात की गई है। इस मुद्दे पर लगातार बहस चल रही है। मगर सरकार सोई रही।
प्याज के दाम भी जब 100 रूपए पर पहुंचे तब जाकर सरकार जागी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि अरहर की दाल एकमात्र ऐसी है जिसकी खपत देश के हर भाग में होती है। अब इसकी कीमत 200 रूपए पहुंच गई है तो इसके लिए प्रधानमंत्री ही सीधे जिम्मेदार हैं।
दूसरी तरफ भाजपा ने कहा कि पिछले दस सालों में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा कि महंगाई घटी न हो। महंगाई के लिए कांग्रेस का कुशासन जिम्मेदार है।
भाजपा नेता और केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 2003 तक देश में दाल और खाद्य तेल का आयात नहीं होता था लेकिन जब कांग्रेस की सत्ता आई तो उसकी किसान विरोधी नीति के कारण इन उत्पादों का उत्पादन घटा। कांग्रेस ने उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहन नहीं दिया।