फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   turtle survived 15 minute fight with an alligator

कछुए ने मगरगच्छ को याद दिला दी नानी

Fri, 26 Apr 2013 12:15 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 26 Apr 2013 12:15 AM IST
विज्ञापन
turtle survived 15 minute fight with an alligator

आपने कई तरह के जानवरों के बीच लड़ाई देखी होगी, लेकिन पहली बार जब आप एक कछुए और मगरमच्छ की लड़ाई देखेंगे तो दंग रह जाएंगे।

विज्ञापन


धीमी चाल के बावजूद खरगोश से दौड़ जीतने वाले कछुए ने मगरमच्छ से हुई इस जंग में बाजी मार ली।

जॉर्जिया में पूर्वी नदी के तट पर इस मगरमच्छ ने एक कछुए को अपने जबड़े में जकड़ लिया।

उसने लगभग 15 मिनट तक पूरी ताकत से कछुए को मारने का प्रयास किया। लेकिन अपने प्राकृतिक कवच में छिपा कछुआ बिल्कुल सुरक्षित था।

turtle
विज्ञापन

















बेहद मजबूत जबड़ों वाले मगरमच्छ ने कछुए के खोल को तोड़ने के लिए लगभग 2900 पाउंड का दबाव डाला लेकिन वह सफल नहीं हो सका। थक हारकर मगरमच्छ ने कछुए को छोड़ दिया। मगरमच्छ के जबड़ों से आजाद हुआ कछुआ पूरी तरह सुरक्षित था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाइव फाइट के गवाह
डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार, अमेरिका के 51 वर्षीय वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर पैट्रिक केसलेबेरी ने महज छह फूट की दूरी से इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद किया।


patrick castleberry
















उन्होंने बताया कि मगरमच्छ के छोड़ने के बाद कछुए को जिंदा देखकर वह दंग रह गए। वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर कछुए ने यह मुकाबला 1-0 से जीत लिया।

उन्होंने कहा, 'जब मैं एक बगुले की फोटो खिंच रहा था, उसी समय पानी के पास एक गेंद जैसा कुछ उछला। तत्काल मैंने जब उधर देखा तो यह लड़ाई चल रही थी। मुझे लगा कि अंत में मगरमच्छ ही जीतेगा और वह कछुए की खोल को तोड़ देगा।'

'जब उसने कछुए को छोड़ दिया तो मैं यह सोचकर उसके पास गया कि वह मर गया होगा, लेकिन वह जिंदा था। जैसे ही मैंने उसे पलटा वह रेंगते हुए पानी में चला गया।'

प्राकृतिक ढाल
turtle
















कछुए के खोल की मजबूती को लेकर कई अध्ययन हुए हैं। शोधकर्ता हमेशा इस खोल का डिजाइन तैयार करने और उसे बनाने में रूचि लेते रहे हैं। शोधकर्ता मनुष्यों का कवच बनाने में भी इसका प्रयोग कर रहे हैं।

कछुए का यह प्राकृतिक कवच मजबूत हड्डियों से बना होता है। हड्डियों की बनी प्लेटों के नीचे कछुए की पसलियां, रीढ़, कंधे और पिछले हिस्से के अंग ढके होते हैं। खोल की बेहतरीन बनावट उसे अतिरिक्त मजबूती देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed