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मैंने ही दाऊद से हाफिज सईद को मिलवाया: टुंडा

Mon, 19 Aug 2013 09:19 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 19 Aug 2013 09:19 AM IST
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tunda clear he prepared terrorists in madarsa

अब्दुल करीम उर्फ टुंडा उर्फ बम गुरू ने दिल्ली पुलिस और एनआईए की पूछताछ में बेहद अहम खुलासे किए हैं।

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पूछताछ में उसने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, इंडियन मुजाहिदीन व हूजी समेत तमाम आतंकी संगठनों से अपने रिश्तों को कबूला है।

टुंडा ने बताया कि वह आतंकी संगठनों के लिए युवा लड़कों को आतंकवाद के लिए उकसाता था। साथ ही वह बांग्लादेश और नेपाल के जरिये भारत में विस्फोटक व आतंकियों को भी भिजवाता था।

पढ़ें, एक और बड़े बम कांड से जुड़े टुंडा के तार
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टुंडा ने आईएसआई की मदद से पाकिस्तान के कराची में महदूद तालीम इस्लामी दारुल फनून के नाम मदरसा खोला हुआ है, जहां आतंकियों को तैयार किया जा रहा है।

टुंडा ने दावा किया कि एक बार उसका भाषण सुनने के बाद युवा आतंकी बन जाते हैं।

स्पेशल सेल के मुताबिक, 1985 में भिवंडी (महाराष्ट्र) में हुए दंगों के बाद टुंडा आतंकी बन गया था। 1993 में मुंबई समेत देश के तमाम हिस्सों में ट्रेनों में हुए धमाकों में इसका हाथ था।
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जानिए, खूंखार आतंकी का कैसे नाम पड़ा 'टुंडा'


दंगों के बाद वह बांग्लादेश चला गया और हूजी के संपर्क में आया। फिर उसने थाईलैंड, दुबई, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और खाड़ी देशों में आतंकवाद का नेटवर्क फैलाया।

टुंडा की अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से पहली मुलाकात सन् 2000 में हुई थी और उसी ने दाऊद से हाफिज सईद की मुलाकात करवाई थी। दाऊद और हाफिज सईद टुंडा को बाबा उर्फ डॉक्टर साहब के नाम से पुकारते हैं।

पाकिस्तान में सईद के बराबर है कद
टुंडा ने बताया कि भारत के मोस्ट वांटेड टॉप 20 एक-दूसरे के संपर्क में हैं। टुंडा ने बताया कि पाकिस्तान में उसका कद हाफिज सईद की तरह ही है।

आईएम चीफ आमिर रजा भी पाकिस्तान में ही मौजूद है। टुंडा ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लिए भी काम किया है।

सन् 2010 में उसने वधावा सिंह के कहने पर पाकिस्तान से ढाका के रास्ते विस्फोटक और आतंकी भेजे थे, लेकिन बांग्लादेश में सभी पकड़े गए। सूत्रों के मुताबिक, टुंडा के तालिबान से भी संबंध रहे हैं।

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