टीएस ठाकुर होंगे भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश
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न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश होंगे। वर्तमान प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू ने सरकार को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर के नाम की सिफारिश की है। प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू दो दिसंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं।
न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने नए प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया की औपचारिक तौर पर शुरुआत कर दी। दीगर है कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज को ही प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है।
इसी औपचारिकता केतहत न्यायमूर्ति दत्तू ने सरकार को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर को अगले प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर देश के 43वें प्रधान न्यायाधीश होंगे। प्रधान न्यायाधीश के तौर पर उनका कार्यकाल एक वर्ष और एक महीने का होगा। वह तीन जनवरी 2017 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
न्यायमूर्ति ठाकुर का अब तक का सफर
चार जनवरी 1952 को जन्मे न्यायमूर्ति ठाकुर के पिता डीडी ठाकुर जाने वाले वकील थे और बाद में वह जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट के जज भी बने थे। न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर 1972 वकालत के पेशे में आए थे।
बाद में उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर काम किया। 1990 में वह सीनियर एडवोकेट बने। फरवरी 1994 में उन्हें जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया। बाद में इनका ट्रांसफर कर्नाटक हाईकोर्ट में कर दिया गया।
सितंबर 1995 में उन्हें स्थायी जज नियुक्त कर दिया गया है। जुलाई 2004 को उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट कर दिया गया। 11 अगस्त 2008 को वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
17 नवंबर 2009 को वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने। न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर केपास कई बड़े और हाईप्रोफाइल मामले हैं। आईपीएल स्पॉट फिकि्ंसग, शारदा घोटाला, गंगा सफाई, अयोध्या समेत कई बड़े मामलों पर न्यायमूर्ति ठाकुर सुनवाई कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति ठाकुर ही फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के एकमात्र ऐसे जज हैं जो माइक का इस्तेमाल करते हैं। न्यायमूर्ति ठाकुर के बारे में शुरू से ही माना जाता रहा है कि वह वादी एवं प्रतिवादियों की पक्ष रखने का भरपूर मौका देते हैं।