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शिंदे को नहीं मालूम, कौन थी इशरत जहां

Wed, 10 Jul 2013 10:53 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 10 Jul 2013 10:53 PM IST
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trying to find out whether Ishrat was a terrorist says Shinde

केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे आईबी और गृह मंत्रालय के गले की हड्डी बन चुके इशरत जहां एनकाउंटर मामले के सबसे मूलभूत सवाल का जवाब अभी तक नहीं खोज पाए हैं।

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इशरत जहां आतंकवादी थी या नहीं इसका जवाब तमाम जांच एजेंसियां गृहमंत्री को नहीं दे पाई हैं।

शिंदे के मुताबिक अभी इसका पता लगाया जा रहा है। शिंदे ने बुधवार को इस बात से इंकार किया है कि आईबी निदेशक आसिफ इब्राहिम ने गृहमंत्रालय से लिखित में सीबीआई कार्रवाई की शिकायत की थी।
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जानिए, क्या है इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस?
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सीबीआई ने इस मामले की चार्जशीट में कहा है कि इशरत 15 जून 2004 को गुजरात पुलिस और आईबी की सांठगांठ से फर्जी एनकाउंटर में मारी गई थी। जांच एजेंसी इस मामले में आईबी के विशेष निदेशक राजेंद्र कुमार को भी आरोपी बनाने की तैयारी में हैं।


गौरतलब है कि इशरत के आतंकी होने के सवाल पर गृहमंत्रालय, आईबी और सीबीआई के अलग अलग बयान आए हैं।

इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता को भांपते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते शिंदे से मुलाकात की। दिग्विजय ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इशरत की असली पहचान के बारे में देश को बताए।

बुधवार को मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट पेश करने के दौरान शिंदे ने इशरत की पहचान के सवाल को टालते हुए कहा कि इसका पता लगाया जा रहा है।

इशरत जहां पर की गई थी 70 राउंड फायरिंग

शिंदे ने माना कि फर्जी एनकाउंटर में फंसे खुफिया अधिकारी राजेंद्र कुमार को लेकर आईबी, गृहमंत्रालय और सीबीआई में तनातनी है लेकिन उन्होंने साफ किया कि अगर किसी आईबी अधिकारी ने गलत काम किया है तो उसे किसी तरह का सुरक्षा कवच नहीं दिया जाएगा।

शिंदे के मुताबिक दोषी को सजा मिलनी ही चाहिए। गृहमंत्री ने कहा कि आईबी जैसी हर संस्था की अपनी अलग पहचान होती है।

इसके तहत यह जरूरी है कि आरोपी अधिकारी के हर पहलू की जांच की जाए। लेकिन इसमें संस्था की अपनी गरिमा का ख्याल भी रखा जाना जरूरी है।

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