{"_id":"272a1e0235bcf2f2b55c4c69b9a5e4ea","slug":"trs-rules-out-accepting-hyderabad-joint-capital","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैदराबाद को साझा राजधानी बनाने के खिलाफ टीआरएस","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
हैदराबाद को साझा राजधानी बनाने के खिलाफ टीआरएस
हैदराबाद/एजेंसी
Updated Sun, 04 Aug 2013 08:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की स्थायी संयुक्त राजधानी या फिर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की मांग का विरोध किया है। उनका कहना है कि हैदराबाद का प्रशासन तेलंगाना सरकार द्वारा ही संचालित होना चाहिए।
विज्ञापन
तेलंगाना जर्नलिस्ट फोरम में टीआरएस प्रमुख ने कहा कि आंध्र में जब तक नई राजधानी के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जाती तब तक आंध्र प्रदेश सरकार हैदराबाद से अपना शासन चला सकती है, इसमें टीआरएस को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हैदराबाद का प्रशासन तेलंगाना सरकार द्वारा ही संचालित होना चाहिए।
विज्ञापन
पिछले हफ्ते तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग कर नया राज्य बनाने की मंजूरी के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने हैदराबाद को 10 साल तक तेलंगाना और रायलसीमा तथा आंध्र की राजधानी बनाए रखने का प्रस्ताव किया था।
विज्ञापन
रायलसीमा और तटीय आंध्र इलाके में किसी भी प्रमुख शहर में राजधानी बनाए जाने लायक मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। इसको देखते हुए कुछ नेताओं ने हैदराबाद को दोनों प्रदेशों की स्थायी राजधानी या फिर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की मांग की है।
राव ने आंध्र के सरकारी कर्मचारियों को तेलंगाना इलाकों को छोड़कर जाने संबंधी अपने बयान से भी इंकार किया है। उन्होंने कहा कि आपसे किसने जाने को कहा है। आप अपना काम करें। आप 10 साल तक यहां काम करें। आप यहां से रिटायर हों, यहां फ्लैट खरीदें और यहीं रहें, हमें कोई आपत्ति नहीं है।