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आतंकियों का खौफ, दुल्हन को 3 बार डोली से उतारकर ली तलाशी

Thu, 03 Sep 2015 04:13 PM IST
Updated Thu, 03 Sep 2015 04:13 PM IST
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Troops search marriage party at LOC After terror inputs.

शादी का कार्यक्रम संपन्न हो चुका था। हाथों में मेंहदी, सुंदर परिधानों में दुल्हन अपने पति के घर जाने के लिए डोली में सवार हो चुकी थी।

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उसके पति और शादी में शामिल होने पहुंचे 100 के करीब मेहमान भी वहीं पर थे। तभी अचानक सेना के जवान पहुंच गए। मामला एलओसी का था। रुटीन जांच के नाम पर उन्होंने शादी समारोह में तलाशी अभियान चलाया। इतना ही नहीं उन्होंने तलाशी के लिए दुल्हन को तीन बार डोली से उतारा।
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ये कहानी कश्मीर की रहने वाली राबिया कौशर की है। जिन्हें सोमवार की रात भुलाए नहीं भूल रही। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस दिन राबिया की शादी थी। उनके घर पर मेहमान जुटे थे इनमें बच्चे, महिलाएं भी शामिल थी। इसी दौरान सेना के कुछ जवान शादी समारोह में पहुंचे। उन्होंने 'रुटीन चेकिंग' के नाम पर करीब दो घंटे तक जांच अभियान चलाया।
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तीन बार चलाया गया जांच अभियान

Troops search marriage party at LOC After terror inputs.

इस शादी कार्यक्रम के संपन्न होने के दौरान एक नहीं बल्कि तीन बार जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान राबिया खुद डोली में बैठी थी लेकिन जांच के लिए उन्हें भी करीब 3 बार डोली से उतारा गया और सेना के अधिकारियों द्वारा डोली की जांच की गई।

इस मामले में रक्षा प्रवक्त ले. कर्नल मनीष मेहता ने बताया कि हमें इस बात की सूचना मिली थी कि पाक अधिकृत कश्मीर से तीन आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं। इसी के आधार हमने शादी पार्टी को रूकवाया और जांच अभियान चलाया। इस दौरान हमने संदेह के आधार पर तीन लोगों को पकड़ा। उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।

दुल्हन राबिया कौशर राजौरी के मंजाकोट इलाके के मंगलनाद की रहने वाली थी, वहीं जिससे उनकी शादी हो रही थी उनकी पहचान मोहम्मद रजाक के रूप में हुई। रजाक पुंछ जिले के रामलुट्टा सेक्टर के बालाकोट गांव के रहने वाले हैं। जब वो अपनी दुल्हन को लेकर बालाकोट सेक्टर के लिए निकल रहे थे तभी रास्ते में उन्हें सेना की एक टुकड़ी ने रोक लिया।

लेफ्टिनेंट कर्नल मेहता ने बताया कि सेना की रूटिन चेकिंग के बाद बारातियों को उनके गांव जाने के लिए छोड़ दिया गया। वहीं इस मामले में गांव के सरपंच ने लिखित में दिया वो सभी लोगों को जानते हैं।

लाइन ऑफ कंट्रोल के पास का था मामला

Troops search marriage party at LOC After terror inputs.

लाइन ऑफ कंट्रोल का मामला होने की वजह से सेना काफी सतर्क थी। बाकायदा शादी समारोह में शामिल होने वाले लोगों के नाम रजिस्टर में नोट किए गए। इसमें दुल्हन और उनके परिवार को छोड़कर करीब 110 लोगों के नाम रजिस्टर में नोट किए गए।

कुल मिलाकर एक बार नहीं बल्कि तीन बार सेना के जवानों ने इस शादी कार्यक्रम जांच अभियान चलाया। दोबारा हुई जांच के बाद उन्हें बाकायदा पास दिए गए। इसके थोड़ी देर बाद ही मेजर के नेतृत्व में सेना के जवान जांच के लिए पहुंच गए।

उन्होंने शादी कार्यक्रम में शामिल लोगों को श्रृंखला में खड़ा कराया। इस दौरान पहले पुरुष सदस्यों की जांच की गई। इसके बाद महिला एसपीओ के जरिए महिलाओं की भी जांच की गई। इस दौरान दुल्हन की डोली की भी जांच तीन बार की गई और उसे डोली से दुल्हन उतरना पड़ा। ये पूरा घटनाक्रम करीब 2 दो घंटे तक चलता रहा।

हालांकि बाद में मेंढर के सब डिविजनल अधिकारी ने बताया कि शादी कार्यक्रम में शामिल किसी भी शख्स पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। साथ ही उनको हुई असुविधा के लिए सेना कमांडिंग अधिकारी दोनों गांव पहुंचे और माफी मांगी। दुल्हा बने मोहम्मद रजाक ने बाद में बताया कि उन्हें सेना के अधिकारियों ने कहा है कि अब उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा।

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