ममता बनर्जी ने अपने 'सबसे खास' को दिया बड़ा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लंबे समय तक अपने करीबी रहे और तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो कहे जाने वाले मुकुल राय को पार्टी के तमाम पदों से हटा दिया है। शुक्रवार को ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई पार्टी की बैठक में इसका फैसला लिया गया था।
इस बैठक में मुकुल को भी बुलाया गया था लेकिन उन्होंने बजट के दिन संसद में मौजूद रहने की दलील देकर इस बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया था। उधर सभी पदों से हटाए जाने पर टिप्पणी करते हुए मुकुल राय ने कहा है कि यह एक तदर्थ कार्यसमिति है। इसमें फेरबदल करना पार्टी अध्यक्ष का विशेषाधिकार है।
इससे यह साफ हो गया है कि कभी आंख मूंद कर मुकुल पर भरोसा करने वाली ममता का अब उनसे पूरी तरह भरोसा उठ गया है। मुकुल ने हाल ही में दिल्ली में वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। उसके बाद ही ऐसी अटकलें लगने लगीं थी।
ममता की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया फैसला
शारदा घोटाले के सिलसिले में सीबीआई की पूछताछ के बाद ही ममता के साथ मुकुल की दूरियां बढ़ने लगी थीं। तब मुकुल ने सीबीआई के साथ सहयोग करने की बात कही थी। इसके बाद रेलवे बजट की सराहना कर भी मुकुल ने पार्टी लाइन का उल्लंघन किया था।
अपने घर में टूट संभालने की कोशिश में जुटीं ममता ने मुकुल के पर कतरते हुए पार्टी के नेताओं को यह संदेश दे दिया है कि वह किसी को बख्शने के मूड में नहीं हैं चाहे वह व्यक्ति मुकुल जैसा घनिष्ठ ही क्यों न हो।
इससे पहले बृहस्पतिवार को ही मुकुल को राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता पद से हटा दिया गया था। शनिवार को उन्हें पार्टी महासचिव और कार्यसमिति के सदस्य पद सहित अन्य सभी पदों से हटा दिया गया।