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खुद पर छिड़का तेल, माचिस जलाने से पहले ही हुआ गिरफ्तार

Thu, 04 Feb 2016 06:48 AM IST
Updated Thu, 04 Feb 2016 06:48 AM IST
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tried to commit suicide in front of collectorate

भू-माफिया से आजिज आकर बुधवार को आत्मदाह करने कलेक्ट्रेट पहुंचे जद्दूमंडी के ओमप्रकाश खेतपाल (49) को पुलिस ने ऐन वक्त पर गिरफ्तार कर लिया। ओमप्रकाश कोल्डड्रिंक की बोतल में मिट्टी का तेल ले आए थे।

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कलेक्ट्रेट के सामने उन्होंने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क लिया लेकिन जैसे ही माचिस की तीली जलानी चाही, वहां मौजूद पुलिस और एलआईयू के जवानों की नजर पड़ गई। कैंट थाने ले आए गए ओमप्रकाश ने वीडीए, पुलिस और जिला प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया। पुलिस ने ओमप्रकाश का शांतिभंग में चालान कर दिया। न्यायालय में पेशी के बाद वह जमानत पर छूट गए।
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लक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत जद्दूमंडी निवासी मैरिज ब्यूरो संचालक ओमप्रकाश खेतपाल बुधवार की दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचे। सर्किट हाउस के सामने और कलेक्ट्रेट गेट के समीप उन्होंने दो लीटर कोल्डड्रिंक की बोतल में लाया हुआ मिट्टी का तेल खुद पर छिड़का और आग लगाने के लिए माचिस की तीली जलानी चाही तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
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ओमप्रकाश का आरोप है कि उनके घर के आगे रामकुंड पोखरे के समीप सार्वजनिक रास्ते को पांच भू-माफिया बंद करा दिए हैं और अवैध तरीके से निर्माण करा रहे हैं। रास्ता बंद हो जाएगा तो लोग कैसे आएंगे और जाएंगे। मामले की शिकायत वीडीए, लक्सा पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ओमप्रकाश ने बताया कि लक्सा थाना, वीडीए और कलेक्ट्रेट का चक्कर काटकर जब वे थक गए तो परेशान होकर विवशता में उन्होंने यह कदम उठाया। क्षेत्राधिकारी कैंट राजकुमार यादव ने बताया कि ओमप्रकाश की शिकायत सुनी गई है। संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

चलवाई थी गोली, धमकाने आए थे बदमाश

tried to commit suicide in front of collectorate

ओमप्रकाश ने बताया कि भू-माफिया ने मामले को लेकर बीते साल के आठ अगस्त को उन पर बदमाशों से गोली चलवाई। वो लक्सा थानाध्यक्ष के पास गए तो उन्होंने सुनवाई नहीं की। जिसके बाद भू-माफिया के हौसले और बढ़ गए। बीते 18 जनवरी को उन्हें धमकाने के लिए उनके घर पर अपराधी पहुंचे। धमकाया कि मामले को लेकर ज्यादा शोर मत मचाओ और दो लाख रुपये लेकर शांत हो जाओ।

ज्यादा शोर मचाओगे तो इस बार गोली सीधे सिर पर लगेगी। इसके बाद धमकी भरी चिट्ठी भेजी गई। ओमप्रकाश ने मांग की है कि पांचों भू-माफिया के खिलाफ पुलिस और प्रशासन कार्रवाई करे। अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएं। वीडीए के अधिकारियों के खिलाफ जांच हो। लक्सा थानाध्यक्ष पर कार्रवाई हो, क्योंकि उन्होंने गोली चलने के मामले को दबा दिया था।

मैं क्या गलत हूं, अवैध निर्माण कहां से उचित

ओमप्रकाश खेतपाल ने कहा कि मैं कहीं से भी गलत नहीं हूं। ऐतिहासिक रामकुंड पोखरे के समीप नारायण नगर में अवैध निर्माण कराया जा रहा है और सार्वजनिक रास्ता बंद कर दिया गया है। भू-माफिया इस तरह से पूरे शहर की ऐतिहासिक और प्राचीन विरासतों पर कब्जा कर लेंगे। इसलिए इसके खिलाफ आवाज उठाई गई लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई। वीडीए, पुलिस और जिला प्रशासन की शह पर आखिर अवैध निर्माण का खेल कब तक चलेगा।

वीडीए पर आरोप लगाकर आत्मदाह किया था मनीष ने

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राजमहल के सराफा कारोबारी मनीष अग्रवाल ने बीते साल 28 दिसंबर को कमिश्नरी परिसर में पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी। उपचार के दौरान नई दिल्ली में पांच जनवरी को उनकी मौत हो गई थी। मनीष ने भी वाराणसी विकास प्राधिकरण पर प्रताड़ना और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कहा था कि वीडीए के अधिकारी उनका घर ढहाने की धमकी दे रहे हैं। इससे आजिज आकर उन्हें आत्मदाह की राह चुननी पड़ी। मामले के दोषियों के निर्धारण और कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय कमेटियों का गठन हुआ लेकिन अब तक कुछ पता नहीं चल सका।

24 घंटे में लक्सा पुलिस करे कार्रवाई

कलेक्ट्रेट के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले ओमप्रकाश को एसएसपी आकाश कुलहरि ने अपने कैंप कार्यालय पर बुलाकर बातचीत की और समूचे मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ दशाश्वमेध और एसओ लक्सा को ताकीद की कि ओमप्रकाश की शिकायत के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसएसपी ने दो टूक कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के चलते यदि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी हुई तो संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी कहा कि जिस किसी की भी सुनवाई थाने और क्षेत्राधिकारी कार्यालय पर न हो वह सीधे उनसे आकर मिले।

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