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ट्रायल कोर्ट में सुनवाई की होगी वीडियो रिकार्डिंग

Fri, 31 May 2013 12:34 AM IST
नई दिल्ली/संजय मिश्र
नई दिल्ली/संजय मिश्र Updated Fri, 31 May 2013 12:34 AM IST
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trial court hearing have video recording

देशभर में अब ट्रायल कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई से लेकर गवाही और जिरह की सारी प्रक्रिया वीडियो कैमरों की कैद की जाएगी।

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मुकदमों की सुनवाई की वीडियो रिकार्डिंग केवल खानापूर्ति के लिए नहीं होगी बल्कि इसे अदालत के दस्तावेज का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे संबंधित कानून मंत्रालय के ब्लू प्रिंट को लॉ कमीशन की मंजूरी मिल गई है।

वहीं देश के सभी ट्रायल कोर्ट का चेहरा बदलने की इस महत्वाकांक्षी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खाका भी तैयार कर लिया है।
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सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया के अमली जामा पहनने के बाद न केवल मुकदमों के निपटारे में गति आएगी, बल्कि ऊपरी अदालतों में गवाहों के मुकरने से लेकर तमाम तरह की अड़चनों के सिलसिले पर भी विराम लगेगा।
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दरअसल अदालतों में बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों के बोझ और ऊपरी अदालतों में अपील के बाद गवाहों के मुकरने के बढ़ते सिलसिले से परेशान सरकार ने देश की सभी ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की योजना बनाई है।

सरकार का मानना है ऊपरी अदालतों में मुकदमे की अपील के बाद संबंधित अदालतों को सुनवाई की पूरी प्रक्रिया करीब-करीब नए सिरे से शुरू करनी पड़ती है।

हर नई अपील पर जजों का अच्छा खासा समय मुकदमों को नए सिरे से पढ़ने और समझने में जाया हो जाता है। मगर नई व्यवस्था में चूंकि सारी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी और यह रिकार्डिंग संबंधित अदालत को उपलब्ध करा दी जाएगी, इसलिए निपटारे की प्रक्रिया में स्वाभाविक तेजी आएगी।

जज वीडियो रिकार्डिंग देखकर न केवल पूरे मुकदमे को तत्काल समझ पाएंगे, बल्कि यह भी तय कर पाएंगे कि सुनवाई के दौरान किसे नए सिरे से गवाही के लिए बुलाया जाना चाहिए।

इसके अलावा गवाह भी ऊपरी अदालतों में वीडियो रिकार्डिंग संबंधी दस्तावेज मौजूद होने के कारण नहीं मुकर नहीं पाएंगे।

केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने देश की तमाम ट्रायल कोर्ट का चेहरा बदलने की सरकार की इस बड़ी योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि विधि आयोग ने भी इस योजना पर अपनी सहमति दे दी है। आईटी मंत्रालय ने इसके लिए योजना लगभग तैयार कर ली है।

गौरतलब है कि सिब्बल के पास कानून मंत्रालय के साथ संचार और आईटी मंत्रालय भी है। सिब्बल ने माना कि अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ देश की न्याय प्रक्रिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।


इस लिहाज से ट्रायल कोर्ट की सुनवाई की वीडियो रिकार्डिंग क्रांतिकारी कदम होगा। इससे ऊपरी अदालतों खासकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के निपटारे में तेजी लाने में बड़ी मदद मिलेगी।

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