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सामने आया यौन उत्पीड़न करने वाले जज का नाम

Sat, 30 Nov 2013 10:39 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 30 Nov 2013 10:39 AM IST
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Trainee victim tak name of justice ganguli

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली प्रशिक्षु ने इस मामले की सच्चाई जानने के लिए गठित न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति के समक्ष अपने बयान में पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार गांगुली का नाम लिया है।

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सर्वोच्च अदालत के एक अधिकारी के मुताबिक जस्टिस गांगुली ने भी समिति के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं और समिति ने अपनी रिपोर्ट चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम को सौंप दी है।
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सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार राकेश शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि विधि प्रशिक्षु के आरोपों की जांच के लिये गठित न्यायाधीशों की समिति ने 12, 18, 19, 20, 21, 26 और 27 नवंबर को अपनी बैठकें की थी।
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प्रशिक्षु की ओर से तीन हलफनामे समिति के समक्ष पेश किये गए।

इसके बाद समिति ने जस्टिस एके गांगुली का बयान भी दर्ज किया। जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष जस्टिस गांगुली ने इस मामले में अपने बयान दर्ज कराए।

इसके बाद समिति ने 28 नवंबर को अपनी रिपोर्ट चीफ जस्टिस को सौंप दी। जस्टिस गांगुली इस समय पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं और उन्होंने प्रशिक्षु की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

जस्टिस गांगुली गत वर्ष 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सर्वोच्च अदालत में उनकी नियुक्ति 17 दिसंबर, 2008 को न्यायाधीश के तौर पर हुई थी।

सर्वोच्च अदालत की समिति में जस्टिस एचएल दत्तू व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई भी पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे। समिति की ओर से चीफ जस्टिस के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट का विवरण मीडिया को संक्षिप्त तौर पर दिया गया है।

क्या हैं आरोप

6 नवंबर को लिखे गए ब्लॉग में प्रशिक्षु ने आरोप लगाया कि इंटर्नशिप के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया।

प्रशिक्षु ने लिखा था, ‘दिल्ली में उस समय यूनिवर्सिटी में मेरे अंतिम वर्ष के शीतकालीन अवकाश के दौरान मैं प्रशिक्षु थी।

मैं अपने अंतिम सेमेस्टर के दौरान अत्यधिक प्रतिष्ठित, हाल ही में सेवानिवृत्त हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के अधीन काम कर रही थी।

मेरी कथित कर्मठता के पुरस्कार के रूप में मुझे यौन उत्पीड़न से एक वृद्ध व्यक्ति ने पुरस्कृत किया जो मेरे दादा की उम्र का था।’ आरोप मीडिया में आने के बाद चीफ जस्टिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर न्यायाधीशों की समिति का गठन किया।


आरोपों से आहत हुआ हूं: जस्टिस गांगुली

यौन उत्पीड़न के आरोपों को नकारते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके गांगुली ने कहा कि सभी आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु के आरोपों से वह आहत हुए हैं। मैं किसी भी बात के लिए शर्मिंदा नहीं हूं।

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