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ट्रेन छूटने के बाद के 31 मिनट हैं बेहद अहम

Tue, 17 Nov 2015 12:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 17 Nov 2015 12:55 PM IST
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Train travellers feeling cheated by new cancellation norms

ट्रेन में आए दिन सफर करने वाले यात्री सावधान हो जाएं। अगर आपका टिकट कंफर्म न हो तो आपको चार्ट बनने के तत्काल बाद अपना टिकट रद्द कराने की तैयारी रखनी चाहिए। क्योंकि अगर आपने ट्रेन छूटने से 31 मिनट पहले अपना टिकट रद्द नहीं कराया तो आपको एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा।

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दरअसल रेलवे ने इससे संबंधित नियमों में 12 नवंबर से बदलाव तो कर दिया, मगर इसका न तो प्रचार प्रसार करना जरूरी समझा और न ही टिकट रद्द कराने की ठोस व्यवस्था ही की। इस कारण त्योहार के इस मौसम में बीते पांच दिनों में नई दिल्ली क्षेत्र में ही हजारों यात्रियों को अपनी गाढ़ी कमाई गंवानी पड़ी।
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गौरतलब है कि इससे पहले वेटिंग टिकट यात्रियों के पास ट्रेन छूटने के 4 घंटे बाद तक टिकट रद्द कराने का विकल्प था। नियम में किए गए अचानक बदलाव और जानकारी के अभाव में दिल्ली के सभी स्टेशनों के काउंटरों पर मारामारी की स्थिति है।
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चार्ट बनने के बाद टिकट कंफर्म न होने की स्थिति में ज्यादातर यात्री काउंटर पर भारी भीड़ और मारामारी के कारण तय किए गए 31 मिनट से पहले टिकट रद्द कराने में सफल नहीं हो पा रहे।

अब भी नहीं बन रहे 4 घंटा पहले चार्ट

Train travellers feeling cheated by new cancellation norms

त्योहार के मौसम में छूट के बदले रेलवे ने अपने टिकट रद्द करने के नियम में बदलाव कर यात्रियों की रकम लूटने में लगा है। बीते 5 दिनों में ही वेटिंग टिकट वाले ज्यादातर यात्री को रेलवे की नए नियम केकारण लूट का शिकार होना पड़ा है। इस क्रम में अपने 9000 रुपये लुटा बैठे दिल्ली के रजनीश ने बताया कि उन्हें नए नियम की जानकारी नहीं थी।

नई दिल्ली कोलकाता राजधानी ट्रेन में टिकट कंफर्म न होने पर उन्होंने स्टेशन में ही बने काउंटर का रुख किया। भारी भीड़ के कारण वह ट्रेन छूटने से 20 मिनट पहले जब बुकिंग क्लर्क के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अब इसके बदले उन्हें एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा।

एक झटके में इतनी बड़ी रकम गंवाने वाले रजनीश कहते हैं कि आमदनी बढ़ाने के लिए नई दृष्टि अपनाने के बदले रेलवे तो डाका डालने पर उतर आई है। पटना राजधानी, सप्तक्रांति सहित अन्य ट्रेनों में सफर करने वाले दर्जनों यात्रियों ने अपना रकम डूबने की इसी तरह की कहानी सुनाई।

उधर रेलवे ने वेटिंग टिकट वापसी के लिए ट्रेन छूटने के 31 मिनट पहले टिकट रद्द करने पर ही रकम वापस मिलने का नया नियम तो बना दिया है, मगर चार्ट तैयार करने में सुस्ती बदस्तूर कायम है। अब भी ट्रेन छूटने के ढाई घंटे से तीन घंटे पहले ही चार्ट तैयार किए जा रहे हैं।

ऐसे में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को टिकट रद्द कराने का समय नहीं मिल पाता। फिर स्टेशन के काउंटरों पर भारी भीड़ , लंबी लाइन और अफरातफरी के कारण यात्रियों के समय पर टिकट रद्द कराना संभव नहीं है। रेलवे ने इसकी ओर ध्यान ही नहीं दिया है।

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