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ट्रेनों से जुड़े इस एप पर भरोसा करना पड़ेगा महंगा

Thu, 16 Apr 2015 01:46 PM IST
Updated Thu, 16 Apr 2015 01:46 PM IST
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train information app may shocked you.

ट्रेनों के समय की सही जानकारी जानने के लिए अगर आप हाईटेक हो गए हैं तो जरा संभल जाइए।

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प्रत्येक स्टेशन से ट्रेनों के समय की सही जानकारी देने का दावा करने वाले ढेरों एप्स पर भरोसा मुसाफिरों की यात्रा रद्द करा सकता है।

सच्चाई यह है कि इस तरह के एप्स पर ट्रेनों की सही जानकारी नहीं मिलने के चलते रोजाना बड़ी संख्या में मुसाफिरों को ट्रेन छूटने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

रेल मंत्रालय को भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं। मंत्रालय ने अपने एप में सही जानकारी फीड करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।

दरअसल, रेल मंत्रालय की ओर से ट्रेनों के  समय की सही जानकारी देने के लिए एक एप शुरू किया गया है। इस एप के सहारे कई निजी कंपनियां अपना एप चलाती हैं लेकिन उनकी जानकारी का बड़ा साधन मंत्रालय का ही एप रहता है।

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सही फीडिंग के दिए सख्त निर्देश

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मंत्रालय के एप में ट्रेन की जानकारी के लिए हर 15 से 50 किलोमीटर की दूरी पर पावर प्वाइंट बनाए गए हैं।

इन स्थानों से जब भी कोई ट्रेन गुजरती है तो उसकी फीडिंग यहीं से की जाती है, लेकिन पिछले कुछ समय से मंत्रालय को ये शिकायतें मिली हैं कि कई पावर प्वाइंटों पर ट्रेन गुजरने के समय की सही ढंग से फीडिंग नहीं की जा रही है या जो भी फीडिंग हो रही है उसमें कुछ समय का हेरफेर रहता है।

यही कुछ मिनटों का हेरफेर मुसाफिर के लिए मुसीबत बन रहा है। एप दर्ज किए समय के अनुसार ट्रेन को लेट दिखाता है। मुसाफिर इसके भरोसे रहता है और उसी अनुसार स्टेशन पहुंचता है। मालूम होता है कि ट्रेन स्टेशन से जा चुकी होती है। मुसाफिर के पास माथा पीटने के अलावा कोई चारा नहीं रहता है।

रेल मंत्रालय के मेंबर ट्रैफिक एके शुक्ला का कहना है कि ट्रेनों के गुजरने की सही ढंग से फीडिंग करने को कहा गया है। सही ढंग से फीडिंग नहीं होने के चलते ही ट्रेनों को लेट दिखाया जा रहा है।

सच्चाई यह है कि ज्यादातर ट्रेनें सही समय पर गुजरती हैं। रेल मंत्रालय के एप से दूसरी निजी कंपनियां अपने एप्स का सहारा लेती है, जिससे कई बार उन्हें भी गलत जानकारी मिलती है। इस व्यवस्था को दुरुस्त कराया जा रहा है।

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