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नए साल पर रेलवे आपको दे सकता है जोर का झटका

Thu, 01 Jan 2015 10:56 AM IST
एजेंसी/दिल्ली
एजेंसी/दिल्ली Updated Thu, 01 Jan 2015 10:56 AM IST
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train fares may rise In the new year.

नए साल में रेल किराये में बढ़ोतरी का झटका यात्रियों को लग सकता है। भारतीय रेलवे की आमदनी में सुधार के लिए गठित एक समिति ने रेल यात्री किरायों खासकर उपनगरीय ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी की सिफारिश की है।

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रेलवे को सौंपी गई रिपोर्ट में पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा की मौजूदा समय में तय न्यूनतम दूरी को भी बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

इस साल चार दिसंबर को गठित डीके मित्तल समिति को रेलवे की आमदनी बढ़ाने के बारे में सुझाव देने थे। समिति ने अपनी रिपोर्ट में काफी अधिक रियायत के साथ चलाई जा रहीं उपनगरीय ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी पर खासा जोर दिया है।
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सिफारिशों के मुताबिक, उपनगरीय ट्रेनों के किराये में हर दो महीने में दो पैसे प्रति किमी की वृद्धि की जानी चाहिए। यह वृद्धि उस वक्त तक होनी चाहिए जब तक किराया फायदे की स्थिति तक न पहुंच जाए।

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डीके मित्तल समिति ने सौंपी सिफारिशें

train fares may rise In the new year.

हालांकि समिति ने यह साफ तौर से नहीं बताया कि लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराये में कितनी वृद्धि होनी चाहिए। समिति ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सौंपी।
 
समिति ने यह भी कहा है कि पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा की न्यूनतम दूरी को बढ़ाकर 10 से 20 किमी कर देना चाहिए। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में न्यूनतम दूरी को बढ़ाकर 50 से 100 किमी किया जाना चाहिए।

मौजूदा वक्त में पैसेंजर ट्रेन में यदि कोई यात्री 10 किमी से कम भी यात्रा करता है, तो उससे 10 किमी तक का ही किराया लिया जाता है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में यह 50 किमी है।

विशेषज्ञ समिति का कहना है कि इस समय उपनगरीय सेवाओं का किराया सड़क मार्ग से यात्रा की तुलना में 60 फीसदी कम है। समिति ने धीरे-धीरे इसमें वृद्धि की सिफारिश की है।

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