ट्रेन से टकराई स्कूल बस, 14 बच्चों की मौत
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तेलंगाना में मेडक जिले के मसाईपेट गांव में वृहस्पतिवार सुबह नौ बजे एक मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर एक निजी बस और ट्रेन की टक्कर में 14 बच्चों सहित 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक बच्चे घायल हो गए।
इस दर्दनाक हादसे के लिए बस ड्राइवर की लापरवाही को जिम्मेदार माना गया है। ड्राइवर ने अगर शॉर्टकट अपनाने की कोशिश नहीं की होती तो इन मासूमों की जिंदगी बचाई जा सकती थी।
मेडक के प्रभारी जिलाधिकारी ए शरत के मुताबिक बस नियमित ड्राइवर की जगह एक दूसरा ड्राइवर चला रहा था। उसने गांव में दो मानवयुक्त रेलवे क्रॉसिंग होने के बावजूद शॉर्टकट अपनाया और एक मानवरहित क्रॉसिंग से रेल लाइन पार करने की कोशिश की।
इस दौरान उसने नांदेड़-सिकंदराबाद पैसेंजर ट्रेन पर ध्यान नहीं दिया और ट्रेन ने बस में जबर्दस्त टक्कर मार दी। बस को करीब 50 मीटर तक घसीटने के बाद ट्रेन रुकी।
रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ हादसा
बस में पांच से 15 साल के करीब 40 बच्चे सवार थे। ये जिले के एक निजी स्कूल में पढ़ते थे। इनमें कुछ नर्सरी कक्षा के भी छात्र थे। मेडक के पुलिस अधीक्षक शेमुशी बाजपाई ने बताया कि करीब 20 घायल बच्चों को हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
अस्पताल के मुताबिक सात बच्चों की हालत बेहद गंभीर है। दक्षिण मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि गांव में डेढ़ किमी की दूरी में तीन क्रॉसिंग हैं जिसमें से दो मानवयुक्त हैं।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। रेलवे ने मारे गए मासूमों, ड्राइवर और क्लीनर के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
संसद के दोनों सदनों में रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख और मामूली घायल बच्चों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे।