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नाबालिग लड़कियों को खपाने का अड्डा बना मेरठ

Fri, 01 Feb 2013 10:18 AM IST
मेरठ/इंटरनेट डेस्क
मेरठ/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 01 Feb 2013 10:18 AM IST
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trafficking of minor girls in meerut

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में नाबालिग लड़कियों का कारोबार जोरों पर हैं लेकिन पुलिस को इसकी खबर तक नहीं है। हालात यह है कि शहर देश के विभिन्न हिस्सों से बरगला कर लाई गईं नाबालिग लड़कियों को खपाने का अड्डा बन गया है।

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ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर काम कर रही संस्था संकल्प और वूमन एंड चाइल्ड वेलफेयर फाउंडेशन के मुताबिक शहर में नेपाल, पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लड़कियां यहां लाई जा रही हैं। लेकिन पुलिस इन्हें पकड़ न तो दूर इन पर कार्रवाई तक की जहमत नहीं उठा रही है।
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संस्थाएं जब भी पुलिस को नाबालिग लड़कियों के लाए जाने की सूचना देती है तो अधिकतर कोठों में ताला लग जाता है। संस्थाओं की मानें तो इनमें कई कोठों पर तो आज तक छापा ही नहीं पड़ता। कुछ सेक्स वर्करों का कहना है कि जब भी कोठों पर छापा पड़ता है, सूचना पहले पहुंच जाती और किशोरियां को हटा दिया जाता है।

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शहर के कबाड़ी बाजार में 200 से अधिक मकानों में सेक्स का धंधा हो रहा है। एक कोठे पर 15 से 20 महिलाएं और किशोरियां रहती हैं। हर माह 15 से 20 किशोरियों की खेप दिल्ली, मुंबई, पुणे से यहां के बाजार में पहुंच रही है। हालांकि एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग प्रभारी अलका सिंह इससे इनकार करती हैं। उनका कहना है कि जब भी संस्थाएं ऐसी सूचना देती तत्काल उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में दबिश देकर उन्हें मुक्त कराया जाता है।


संस्थाओं का कहना है कि जुलाई 2012 से जनवरी 2013 तक तकरीबन 80 किशोरियों को संस्थाओं ने यहां से मुक्त कराया है। 60 किशोरियों को नेपाली दूतावास एवं पुलिस के माध्यम से उनके घर भेजा गया है।

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