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दिल्ली सरकार के अधीन हो ट्रैफिक पुलिस: संसदीय समिति
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 16 Jan 2013 08:47 PM IST
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पिछले महीने दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ हुई दरिंदगी की घटना के चलते एक संसदीय समिति ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन लाए जाने के पक्ष में है। समिति को लगता है कि कई-कई प्राधिकारियों के होने के चलते अपराधी इसका फायदा उठाते हैं।
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सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी की अध्यक्षता वाली ट्रांसपोर्ट पर संसदीय स्थायी समिति ने बुधवार को इस और अन्य पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव तथा अन्य शामिल हुए।
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समिति के एक सदस्य ने बताया कि एक समग्र नीति बनाए जाने की जरूरत है। हम ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली सरकार के आधीन लाए जाने का सुझाव देने वाले हैं। रिपोर्ट बजट सत्र में संसद में पेश की जाएगी। 16 दिसंबर की घटना के चलते समिति अभी देशभर में सड़क सुरक्षा संबंधी मामलों पर ध्यान दे रही है।
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सदस्य ने कहा कि समिति ने सिस्टम की बहुलता और विवाद का अपराधियों द्वारा फायदा उठाने पर चिंता प्रकट की। यह संदर्भ दिल्ली को लेकर था, जहां पुलिस सीधे केंद्रीय सरकार के नियंत्रण में आती है। दिल्ली का एक अलग मामला है।
यहां दिल्ली ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग वाहन परिवहन के नियम बनाते है लेकिन इनको लागू करने वाली ट्रैफिक पुलिस केंद्रीय गृहमंत्रालय के तहत आती है। इसी का फायदा उठाते हुए ट्रैफिक पुलिस कहती है कि यह दिल्ली प्रशासन का काम है जबकि दिल्ली प्रशासन कहती है कि नियम को लागू करने का काम पुलिस का है। दोनों के बीच विवाद का फायदा अपराधी उठाते हैं।