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ताजमहल के लिए ई-टिकटिंग में पर्यटक बने चुनौती
आगरा/ब्यूरो
Updated Wed, 28 Nov 2012 01:33 PM IST
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टिकटों की री-सेलिंग और पर्यटकों की मारामारी पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने कुतुब मीनार पर ई-टिकटिंग का प्रयोग किया था। कुतुब मीनार के बाद ताजमहल पर इसका ट्रायल होना था। लेकिन ताज पर ई-टिकटिंग की राह में पर्यटक ही चुनौती बन गए हैं। ऐसे में इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
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एएसआई ने कुतुब मीनार देखने आने वाले पर्यटकों के लिए ई-टिकटिंग का ट्रायल किया था। यहां रोजाना आने वाले पर्यटकों की संख्या ताज के मुकाबले बेहद कम है। इसके बाद ई-टिकटिंग का ट्रायल ताजमहल में करने की योजना थी। ट्रायल सफल रहने पर इसे लागू करना था। इससे पर्यटकों को ताज पर टिकट के लिए लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ती।
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पुरातत्व विभाग का तर्क
पुरातत्व विभाग से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो ताजमहल पर ई-टिकटिंग फिलहाल संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि ताजमहल पर औसतन प्रतिदिन 15 से 20 हजार पर्यटक आते हैं। यह आंकड़ा वीकेंड पर 35 से 40 हजार पहुंचता है। ऐसे में ई-टिकटिंग लागू करने पर ताज के पूर्वी, पश्चिमी और साउथ गेटों पर तीन मशीन लगानी होंगी।
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चेकिंग के बाद पर्यटक मशीन में अपना ई-टिकट लगाएगा। इसके बाद मशीन का हुड उठेगा और पर्यटक अंदर जाएगा। इसमें कम से कम तीन मिनट का समय लगेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह ताज में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की संख्या सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक चार हजार से ज्यादा नहीं होगी। ऐसे में ताज के लिए यह व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है।
फैसिलिटी सेंटर देंगे हरी झंडी
पुरातत्व विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान के तहत ताजमहल पर पर्यटकों के लिए दो फैसिलिटी सेंटर पूर्वी और पश्चिमी गेट पर बनाए जाने हैं। इन सेंटरों के बनने के बाद ई-टिकटिंग शुरू किया जा सकता है। हालांकि इसमें लंबा वक्त लगेगा।