काठमांडू में तबाही, लेकिन पोखरा में मौज-मस्ती
एक ओर भूकंप के केंद्र से करीब 81 किलोमीटर दूर काठमांडू में 7.9 की तीव्रता के भूकंप ने तबाही मचा दी और हजारों लोगों की जान ले ली। वहीं दूसरी ओर, भूकंप के केंद्र से ही करीब 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोखरा में जन-जीवन सामान्य बना हुआ है।
पोखरा में पर्यटक बोटिंग और पैराग्लाइडिंग का खूब मजा ले रहे हैं। आपको बता दें कि यहां पर हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। यहां पर पर्यटक माउंटेन व्यू, बोटिंग और पैराग्लाइडिंग जैसे रोमाचं के लिए आते हैं।
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक जहां एक ओर काठमांडू में इस भूकंप ने तबाही मचा दी है, वहीं दूसरी ओर पोखरा में सिर्फ दीवारों में दरारें ही दिखी हैं।
फोटो- फाइल फोटो
'लगा मैं नाव में बैठा हूं'
नेपाल में पिछले 80 सालों की सबसे खतरनाक आपदा के सिर्फ 2 दिन बाद ही पोखरा में विदेशी पर्यटक झील का मजा लेने, शॉपिंग करने, कैफे में खाना-खाने और अपने अगले एडवेंचर की तैयारी में जुट गए हैं।
नीदरलैंड के एक पर्यटक रिक तुल ने एएफपी को बताया कि पोखरा में रहने वाले लोग इस भूकंप से कुछ डरे हुए जरूर हैं, लेकिन इन सबके बावजूद सब कुछ सामान्य है।
एक 26 वर्षीय आइरिश टूरिस्ट कैरोलीन अहेर्न के अनुसार पोखरा में इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन लोग इस भूकंप से बहुत अधिक डर गए थे।
बिजली, इंटरनेट है उपलब्ध
उनके अनुसार जब भूकंप आया तो खिड़कियां जोर-जोर से हिलने लगीं और लोग अपने बच्चों के साथ घरों से बाहर भागने लगे। कैरोलीन बोले कि उन्हें भूकंप के दौरान ऐसा लगा जैसे कि वो किसी नाव में बैठे हों।
यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर एक गांव में 2000 से भी अधिक लोगों की भूकंप के कारण मौत हो गई है, लेकिन पोखरा में सब कुछ सामान्य है। सिर्फ स्कूलों को 5 दिन के लिए बंद किया गया है।
डच की एक 51 वर्षीय पर्यटक मारियाना हॉक ने कहा कि पोखरा में अब सब कुछ सामान्य है। लोग अपने-अपने काम पर वापस जा रहे हैं और बच्चे खेलने कूदने में मशगूल हैं। इतना ही नहीं, यहां बिजली, इंटरनेट सभी सुविधाएं मौजूद हैं।