तोताराम बोले, 'गिरफ्तार कहां हुआ, घूमने आया हूं'
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'मैं कहां गिरफ्तार हुआ हूं, मैं तो यहां घूमने आया हूं।' गिरफ्तारी के बाद थाना कोतवाली में ये बेबाक टिप्पणी थी पैक्सफेड चेयरमैन तोताराम यादव की।
गिरफ्तारी और रिहाई के तीन घंटे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद उनकी टिप्पणी सही भी साबित हुई और चिकित्सीय आधार पर उन्हें थाने से जमानत मिल गई।
सुदिति ग्लोबल एकेडमी के कार्यक्रम के दौरान जो सपा कार्यकर्ता उनके इर्द गिर्द नजर आ रहे थे, वह गिरफ्तार होते ही किनारा कर गए। थाने में भी कोई उनका हालचाल जानने नहीं पहुंचा। सभी को लग रहा था कि यह सब कुछ पार्टी हाईकमान के इशारे पर हो रहा है। जिस तरह से गिरफ्तारी हुई ये कयास अनायास भी नहीं थे।
तीन माह पहले जिला पंचायत चुनाव में रायपुर गांव के बूथ पर कब्जे का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद तोताराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हाईकोर्ट भी गए। कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने बनाई दूरी
तोताराम खुले आम जिले में घूम रहे थे, सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे, लेकिन पुलिस उनपर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। बुधवार को गिरफ्तारी हुई भी तो ऐसे मौके पर जब वह कुछ देर पहले प्रदेश सरकार में कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव और सांसद तेजप्रताप सिंह यादव के साथ मंच पर मौजूद थे।
शिवपाल यादव और तेजप्रताप सिंह यादव जाते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोतवाली लाया गया। यहां उन्होंने मीडिया से कहा भी कि वह गिरफ्तार नहीं हुए है, बल्कि यहां सिर्फ घूमने आए है।
शाम को कोर्ट में पेशी पर ले जाने की तैयारी के दौरान उन्हें सीने में दर्द उठा और थाने से निजी मुचलकों के आधार पर जमानत दे दी गई। इससे तोताराम और पुलिस दोनों की मुश्किलें कम हो गई। पुलिस को भी कोर्ट में जवाब देने में आसानी हो गई। इससे यह भी चर्चा शुरू हो गई कि ये सब कुछ तो पहले से ही तय था।