27 घंटे तक बंधक बनाए रखे छात्र को किया टार्चर,एक साल बाद खुला राज
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पांडिचेरी विश्वविद्यालय में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और सेक्युरिटी गार्ड्स पर यह आरोप लगा है कि उन्होने एक छात्र को लगातार 27 घंटे तक बंधक बनाए रखा और उससे मारपीट की।
यह घटना 6-7 अप्रैल 2014 की है। प्राध्यापकों और गार्ड्स ने छात्र पर यह आरोप लगाया गया कि चेहरा ढंक कर वो गर्ल्स हॉस्टल में घुसा था।
जबकि छात्र का कहना था कि उस पर लगाए जा रहे आरोप गलत है जिस वक्त की घटना बताई जा रही है वह उस समय लाइब्रेरी में था। छात्र को बंधक बनाए जाने के साथ- साथ गर्ल्स हॉस्टल के सामने उसकी परेड भी कराई गई।
पुलिस की जांच में हुई प्रताड़ना की पु्ष्टि
जिस छात्र से मारपीट की गई है वह साल 2014 में तमिल में एमए का छात्र था। मामले की शुरुआती जांच में छात्र की बात सही निकली की वो उस समय लाइब्रेरी में ही था।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का भी सहारा लिया गया जिसमें छात्र के दावे पर मुहर लग रही है। छात्र ने एम.ए के सभी सेमेस्टर्स में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
इस मामले में शामिल एक प्राध्यापक का कहना है कि उसने ये सब कुलपति के आदेश पर किया है। पुलिस की जांच में भी छात्र के साथ मारपीट और उसके साथ प्रताड़ना की पुष्टि हुई है।
साल भर पहले हुई शिकायत
छात्र ने इसकी शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय और मानवाधिकार आयोग से की है। छात्र की शिकायत को एक साल बीत चुका है लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अपनी शिकायत में छात्र ने दो प्राध्यापकों,सेक्युरिटी गार्ड्स और विश्वविद्याल के कुलपदति पर टॉर्चर करे का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
पुलिस द्वारा पहले दो आरोपियों को पहले भगोड़ा घोषित कर दिया गया था लेकिन बाद में उन्हें कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। इस मामले में पुलिस ने जो रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेजी है उसमें यह स्पष्ट है कि छात्र के साथ मारपीट की गई है।