अब आप पता लगा सकेंगे कौन सा है देश का टॉप इंस्टीट्यूट?
अब छात्र और अभिभावक सरकार की रैंकिंग सूची देखकर पता लगा सकेंगे कि आखिर कौन सा संस्थान बेहतर है और कौन सा नहीं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क पेश कर दिया। शुरुआत में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट क्षेत्र के संस्थानों की रैंकिंग पेश की जाएगी।
यह पूरी योजना पूरी तरह से अगले साल अप्रैल में लागू होगी। मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री ने इसकी वेबसाइट लांच की। अभी तक देश में उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अंतर्गत राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से संस्थानों की ग्रेडिंग दी जाती है। मगर संस्थानों की रैंकिंग के अभाव में छात्र और अभिभावक कई बार कुछ गलत संस्थानों के चंगुल में भी फंस जाते हैं।
स्मृति ईरानी ने रैंकिंग फ्रेकवर्क प्रणाली को लांच किया
इस प्रणाली को तैयार करने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी। एजेंसी 31 दिसंबर तक संस्थानों को इस प्रक्रिया में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के अलावा जल्द ही आर्किटेक्ट, फार्मा क्षेत्र के संस्थानों की रैंकिंग भी शुरू की जाएगी।
संस्थानों को फैकल्टी और छात्रों के अनुपात, संस्थान में पीएचडी और अनुभवी फैकल्टी, लाइब्रेरी एवं प्रयोगशाला की सुविधाएं, खेल सहित एक्स्ट्रा करीकुलर सुविधाओं के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी।
इस प्रणाली को तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें मंत्रालय और तमाम आईआईटी, आईआईएम समेत कई उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को शामिल किया गया था। इसकी कोर कमेटी के सदस्य और नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद हैं।