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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने धमकी दी है कि अगर वह जन लोकपाल बिल पारित नहीं करा पाए तो अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। उनके इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा, "कोई भी कानून से बड़ा नहीं है। मुख्यमंत्री अपनी ज़िम्मेदारियों से भागना चाहते हैं और इसके लिए बहाना ढूंढ रहे हैं। यह चालाकी की कोशिश है।"
उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार जन लोकपाल बिल को विधानसभा में लाती है तो कांग्रेस इसका समर्थन करेगी।
वहीं, भाजपा के नेता हर्षवर्द्धन ने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी जन लोकपाल बिल का समर्थन करेगी और केजरीवाल को इस्तीफ़ा देकर भागने का मौका नहीं देगी।
हर्षवर्द्धन ने ट्वीट में लिखा, "अरविंद केजरीवाल जी आपने जन लोकपाल पर हर जगह इतना हो-हल्ला किया है लेकिन विधायकों को इसकी एक प्रति तक नहीं भेजी है। यह नाटक बंद करिए।"
इंटरव्यू में बनाया मोदी का मजाक!
सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी का जितना प्रचार-प्रसार हो रहा है, उतने ही तंज कसे जा रहे हैं। फेसबुक पर मोदी के एक तथाकथित भक्त का ऐसा इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर आप हंसते रह जाएंगे।
इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट पर राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल के पक्ष और विपक्ष में खूब बातें कही-सुनी जा रही हैं। लेकिन यह इंटरव्यू काफी खास है, जिसमें मोदी की तारीफ के बहाने उन्हीं पर हमला किया गया है।
संभावना है कि सोशल मीडिया की लहर पर सवार यह इंटरव्यू किसी न किसी तरह नरेंद्र मोदी और भाजपा तक पहुंचेगा या पहुंच चुका होगा। और इसे पढ़कर भाजपा और मोदी समर्थकों का क्या हाल होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है।
14 दिन और बढ़ी तेजपाल की हिरासत
गोवा कोर्ट ने कथित यौन शोषण मामले में तहलका मैग्जीन के संपादक तरूण तेजपाल की न्यायिक हिरासम 14 दिन के लिए और बढ़ा दी है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने तेजपाल को अदालत में सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था और 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढाने की मांग की थी।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेजपाल के खिलाफ आरोप पत्र पूरा होने के अंतिम चरण में है और इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तेजपाल की गिरफ्तारी के दिन से 90 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल होना चाहिए। तेजपाल को 30 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि 22 नवंबर 2013 को तेजपाल के खिलाप प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ यौन शोषण और बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है।
गैंगरेप पीड़िता को पति और ससुर ने जिंदा जलाया
दो लड़कों ने एक नाबालिग लड़की से कई दिन गैंगरेप किया। जब लड़की की मां को इस बात का पता चला तो उसने पति से दोनों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराने को कहा।
लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। बच्ची के दादा ने भी इससे इनकार कर दिया। कारण था दोनों आरोपी करीबी रिश्तेदार थे और पति-ससुर को परिवार की बदनामी की ज्यादा चिंता थी। लेकिन पीड़िता की मां नहीं मानी, वह एफआईआर कराने के लिए दबाव बनाने लगी।
इससे नाराज होकर पति और ससुर ने उसे जिंदा जला दिया। फिर पुलिस को बताया कि खाना बनाते समय वह जल गई। लेकिन यह बात पुलिस के गले नहीं उतरी। जांच के बाद पुलिस ने पति, ससुर और दोनों नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ लिया। घटना मध्य प्रदेश के भोपाल जिले की है।
श्यामपुर गांव की सोना बाई (परिवर्तित नाम) को जनवरी 2014 में 15 वर्षीय बेटी से गैंगरेप की बात उस समय पता चली जब वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर दोनों नाबालिगों ने पिछले साल 4 नवंबर से 11 नबंबर तक कई बार लड़की से रेप किया।
सोना बाई ने जब पति और ससुर से मामला दर्ज कराने की बात की तो वे भड़क गए। ज्यादा दबाव डालने पर दोनों ने सोना बाई को जिंदा जला दिया। फिर 6 जनवरी को थाने में मामला दर्ज कराया कि सोना बाई खाना बना रही थी। अचानक आग लगने से वह लपेटे में आग गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
एक गांव ऐसा भी, जहां बसते हैं भिखारी!
कानपुर के एक कोने में बसे पनकी क्षेत्र में एक गांव है - कपड़िया बस्ती। इस गांव का नजारा उत्तर भारत के किसी भी पिछड़े गाँव जैसा है - टूटी झोपड़ियां, एक-दो पक्के घर, कच्ची सड़कें, उनके किनारे जमा गन्दा पानी और इधर-उधर खेलते छोटे बच्चे। कुछ नया या अनोखा नहीं दिखता। आबादी क़रीब तीन और चार हज़ार के बीच।
पर जब आप गाँव में कुछ समय बिताएंगे तो देखेंगे की गाँव के हर पुरूष के चेहरे पर दाढ़ी है। जो लड़के बड़े हो रहे हैं, वे भी अपने चेहरे पर दाढ़ी उगा रहे हैं। यह किसी फ़ैशन की वजह से नहीं है, बल्कि बिना दाढ़ी के कपड़िया बस्ती के लोग ठीक से अपनी रोज़ी रोटी नहीं कमा पाएंगे।
भारत में एक साधु की पहचान उसके लंबे केश, बढ़ी हुई दाढ़ी और गेरुआ वस्त्र होते हैं। वे दान या भिक्षा पर ही निर्भर रहते हैं। कपड़िया बस्ती का हर घर भिक्षा पर ही चलता है। कपड़िया बस्ती का हर आदमी रोज़ सुबह साधु के वेश में भिक्षा मांगने निकल जाता है। भीख माँगना ही उसका पेशा है।
नहीं देखा होगा मोदी का ऐसा समर्थन
बॉलीवुड अभिनेत्री मेघना पटेल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के समर्थन में सनसनीखेज फोटो खिंचवाए हैं। सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मेघना पटेल ने भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल से पूरे शरीर को ढक कर फोटो खिंचवाया है।
पटेल ने कहा कि मोदी आज के दौर में सबसे अधिक प्रभावशाली नेता हैं और उन्होंने करोड़ों भारतीयों के दिल में जगह बनाई है। उन्होंने अपने काम के बूते पर जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
मेघना ने कहा कि मोदी देश को भ्रष्टाचार और मंहगाई से मुक्त कराकर समृद्ध व शक्शिली भारत बनाएंगे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात का चहुंमुखी विकास किया है और अब वह प्रधानमंत्री बन कर पूरे देश का विकास करेंगे।
आसाराम को कोर्ट से फिर झटका
राजस्थान हाई कोर्ट ने कुटिया में नाबालिग से दुराचार के आरोपी आसाराम की जमानत अर्जी दूसरी बार भी खारिज कर दी, लेकिन सह आरोपी शिवा एवं शिल्पी को जमानत मिल गई। उच्च न्यायालय ने आसाराम की अर्जी पर 3 फरवरी को दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सोमवार को सुना दिया।
हाई कोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर ने कहा कि आसाराम के मामले की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निचली अदालत में अभी आसाराम की उपस्थिति में आरोप तय होने शेष है। इस कारण आरोपी को जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा।
इधर, शिवा एवं शिल्पी की जमानत अर्जियों को सुनने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। आसाराम की जमानत उच्च न्यायालय में दो बार खारिज की जा चुकी है।
समझ में आई केजरीवाल के इस्तीफे की राजनीति!
केजरीवाल ने जन लोकपाल मुद्दे का पारा आसमान पर पहुंचा दिया। शनिवार को उन्होंने कहा कि वह जन लोकपाल बिल पारित कराने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, क्योंकि वह सीएम बनने नहीं आए थे, बल्कि उनकी जंग भ्रष्टाचार के खिलाफ थी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके मायने इस्तीफा देने से हैं, तो उन्होंने कहा, "इस निष्कर्ष पर आप पहुंचे हैं।" लेकिन रविवार को उन्होंने यही शब्द खुद अपने जबान से कह दिए। उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पारित नहीं किया जाता, तो वह मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे।
इस सारे घटनाक्रम के पीछे की राजनीति भी कुछ-कुछ समझ आने लगी है। जैसे ही केजरीवाल ने यह बयान दिया, दिल्ली में उनकी सरकार को समर्थन दे रही कांग्रेस और भाजपा ने मोर्चा खोल दिया कांग्रेस ने कहा कि अगर सही संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लोकपाल बिल को लाया जाता है, तो वह इसका समर्थन करेगी। भाजपा का कहना है कि केजरीवाल नाटक कर रहे हैं और वह इस बिल का साथ देने को तैयार है।
सपा के विरोध में उलेमा, रैली के बहिष्कार की घोषणाb
सपा नेताओं द्वारा सांप्रदायिक दंगा विरोधी बिल का राज्यसभा में विरोध करने पर उलेमा की नाराजगी ओर बढ़ गई है। उलेमा पहले ही मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद सपा सरकार से नाराज चल रहे थे।
खफा उलेमा ने मुसलमानों से 11 फरवरी को सहारनपुर में होने वाले सपा की रैली का बायकाट करने का आह्वान किया है। ऑल इंडिया मजलिस उलेमा और मजलिस इत्तिहाद-ए मिल्लत ने प्रेस कांफ्रेंस करके सपा पर हमला बोला।
ऑल इंडिया मजलिस उलेमा के महासचिव मौलाना कारी रहीमुद्दीन कासमी ने कहा कि सपा नेताओं ने राज्यसभा में सांप्रदायिक दंगा विरोधी बिल का विरोध करके अपनी सांप्रदायिक सोच का परिचय दिया है।
कारी रहीमुद्दीन ने कांशीराम कॉलेज का नाम बदलकर शेखुल हिंद के नाम पर किए जाने को लेकर कहा कि सपा दलित और मुसलमानों को आपस में लड़ाना चाहती है और शेखुल हिंद के नाम पर मुस्लिमों को गुमराह कर रही है।
पेड़ गिरने से मौत पर मिला 1 करोड़ रुपए मुआवजा
करीब छह साल बीत गए 56 साल के डॉक्टर ललित कुमार झलानी की मौत हुए। अलवर के कंपनी बाग में उनके ऊपर एक पेड की सूखी शाखा गिर गई थी और उनकी मौत हो गई थी।
उनके परिवार ने उनकी मौत का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन को ठहराया और एक सिविल केस फाइल कर दिया। अब कोर्ट ने सरकार से पीड़ित को 1.076 करोड़ मुआवजा देने को कहा है।
डॉक्टर ललित आखों के डॉक्टर थे। दो अप्रेल 2008 को वे अपने पांच दोस्तों के साथ सुबह की सैर के लिए गए थे। तभी उनके साथ ये हादसा हो गया।
उनके दोस्त उनको अस्पताल ले गए लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। उनके गुजरने के एक साल के बाद उनके परिवार ने एक सिविल केस दायर किया और मुआवजे की मांग की।