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लड़कियों में टामबॉय हेडेक की नई बीमारी

Tue, 02 Apr 2013 01:19 AM IST
शैलेश सिंह/वाराणसी
शैलेश सिंह/वाराणसी Updated Tue, 02 Apr 2013 01:19 AM IST
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tomboy headache in girls

बीएचयू के चिकित्सकों ने लड़कियों में होने वाली एक विशेष प्रकार की बीमारी की पहचान की है। इस बीमारी को टामबॉय हेडेक नाम दिया गया है। यह बीमारी वैसी लड़कियों में पाई जाती है जो लड़कों जैसी गतिविधियां करती हैं।

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चिकित्सकों ने शोध में पाया है कि इन लड़कियों में माइग्रेन या अन्य दर्द निवारक दवाओं का कोई असर नहीं होता। ऐसी लड़कियों का उपचार सिर्फ पारिवारिक माहौल को परिवर्तित कर किया जा सकता है।
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पिछले एक साल में बीएचयू न्यूरोलाजी विभाग के चिकित्सकों ने विभाग के हेड डा. वीएन मिश्रा के नेतृत्व में सिर दर्द से पीड़ित मरीजों का उपचार किया। इसमें 50 प्रतिशत मरीज माइग्रेन के थे। 32 प्रतिशत टेंशन हेडेक के और 18 प्रतिशत अन्य कारणों से सिरदर्द से पीड़ित थे।
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टेंशन हेडेक में 20 लड़कियां पाई गईं, जिनको सिरदर्द तो था लेकिन उन पर किसी प्रकार की दर्द निवारक दवाओं का असर नहीं हुआ। पूर्वांचल और बिहार के कई जिलों की रहने वाली इन लड़कियां की उम्र 13 से 19 वर्ष है।

इन पर दवाओं का कोई असर नहीं होने पर चिकित्सकों ने दिल्ली के मनोचिकित्सक डा. राजेश कुमार से मदद ली। फिर इन लड़कियों के परिजनों को सलाह दी कि उन्हें लड़कों जैसे व्यवहार पर आपत्ति न जताई जाए।

दो सप्ताह में इन लड़कियां की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। शोध में पाया गया कि यह बीमारी इन लड़कियों में इसीलिए होती है कि लड़कों जैसे आचरण पर आपत्ति करने से इनके मस्तिष्क में तनाव पैदा हो जाता है। खास यह कि यह बीमारी संभ्रांत और धनवान परिवारों की लड़कियों में अधिक पाई गई है।

डा. वीएन मिश्र का कहना है कि लड़कियों में यह बीमारी काफी चिंताजनक है। इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो महानगरों में ऐसे मरीजों की फौज खड़ी हो जाएगी और भविष्य में यह युवा पीढ़ी के समक्ष एक चुनौती होगी। इस बीमारी में बीएचयू में शोध कार्य चल रहा है।

क्या है टामबॉय
टामबॉय का अर्थ है वैसी लड़कियां जो लड़कों जैसे पोशाक पहनने के साथ उनके जैसा व्यवहार करने को आतुर रहती हैं। वह छोटे छोटे बाल भी रखती हैं तथा वैसे खेलकूद में रुचि रखती हैं जो अकसर लड़के खेला करते हैं। ये लड़कियां घर के कामकाज में दिलचस्पी नहीं दिखाती।


बीमारी के लक्षण
सिर में तेज दर्द, चक्कर आना, सिर में हमेशा भारीपन होना, दर्द निवारक दवाएं खाने के बाद भी दर्द से राहत न मिलना।

बीमारी के कारण
लड़कों की पोशाक पहनने पर किसी का बार-बार आपत्ति जताना, अकसर तनाव में रहना, एक ही बात को बार-बार याद कर गुस्सा करना, परिवार में लड़कों को अधिक तरजीह मिलने पर अपने को वैसा प्रस्तुत करना आदि।

बचाव

लड़कों की पोशाक न पहनें, जब लड़की चाहे तब ही उसके मां-बाप पोशाक को परिवर्तित कराएं, घर के बाहर के लोग पोशाक को लेकर किसी प्रकार कि टिप्पणी न करें।

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