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तोगड़िया बोले, योग में अल्लाह के नाम का उच्चारण शिव का अपमान

Sun, 14 Jun 2015 10:55 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,बुलंदशहर, एजेंसी
ब्यूरो/ अमर उजाला,बुलंदशहर, एजेंसी Updated Sun, 14 Jun 2015 10:55 AM IST
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todgadia said pronounciation of allah name in yoga is disgrace of lord shiv

योग में ‘अल्लाह’ शब्द का उच्चारण भगवान शिव का अपमान है। योग में सूर्य नमस्कार और ‘ओम’ के उच्चारण का जो उच्च स्थान है, वह किसी और का नहीं। जिन्हें सूर्य नमस्कार और ओम के उच्चारण से एलर्जी है, उन्हें रोग मुबारक हो।

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यह बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहीं। वह शुक्रवार को बुलंदशहर के डीएम रोड स्थित परिषद के क्षेत्रीय मंत्री देवेश उपाध्याय के आवास पर पत्रकारों से रूबरू थे।
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तोगड़िया यहां छत्रपति शिवाजी महाराज विद्यालय में विहिप के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने आए हैं। तोगड़िया ने कहा कि कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे लहराना और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारों से लगता है कि वहां की सरकार ने अराजक तत्वों को कुछ भी करने का अधिकार दे दिया है।

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कुछ बदलाव किए जाएं तो कोई दिक्कत नहीं- मदनी

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वहीं योग के मुद्दे पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख नेता मौलाना महमूद मदनी का कहना है कि यदि योग में कुछ बदलाव कर दिए जाएं तो मुस्लिमों को इसे करने में कोई दिक्कत नहीं है।

हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि योग को कुछ लोग एक खास रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और इसी के चलते सारी समस्याएं खड़ी हो रही हैं।

एक हिंदी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मदनी ने कहा कि हम मुस्लिमों को योग से कोई समस्या नहीं है लेकिन कुछ शब्द ऐसे हैं जिन्हें सही करने की जरूरत है।

योग है लाभ प्रद

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शारीरिक व्यायाम और जीवन शैली के लिए योग बहुत लाभप्रद है लेकिन इसे एक खास रंग दिया जा रहा है और यह सही नहीं है। योग को किसी खास धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि इसमें कुछ बदलाव कर दिए जाएं तो ज्यादा से ज्यादा लोग योग करना शुरू कर देंगे और तब यह देश में लोगों को एकजुट करने का माध्यम बनकर उभरेगा।

सूर्य नमस्कार पर आपत्ति को लेकर मदनी ने कहा कि सूर्य को भगवान मानना इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। इसे सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।

सूर्य नमस्कार पर न दे जोर

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साथ ही उन्होंने कहा कि वह शारीरिक व्यायाम के तौर पर काफी समय से सूर्य नमस्कार कर रहे हैं और यदि इसमें बदलाव कर दिया जाता है तो मुस्लिमों की शिकायत की कोई वजह ही नहीं रहेगी। मदनी ने कहा कि योग से श्लोक को हटाने की जरूरत है।

साथ ही सूर्य नमस्कार पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए और योग को सभी के लिए अनिवार्य नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार के नहीं होने संबंधी केंद्र सरकार के स्पष्टीकरण का स्वागत किया।

साथ ही केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक के उस बयान की भी सराहना की जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्लिम श्लोक की जगह अल्लाह का नाम ले सकते हैं।

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