आज पता चलेगा, कब मिलेगा आपको घर?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक सबको आवास उपलब्ध कराने के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बुधवार को सभी राज्यों के आवास मंत्रियों और सचिवों की दो दिवसीय बैठक बुलाई है।
बैठक में अगले आठ साल में सभी को घर उपलब्ध कराने की योजना पर विचार विमर्श किया जाएगा। ‘शहरी सुशासन और सभी के लिए आवास : अवसर और चुनौतियां’ विषय पर बुधवार से दो दिनों तक विचार मंथन किया जाएगा।
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बैठक में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत बनाए जाने वाले मकानों के निर्माण कार्य में तेजी लाने, साझेदारी में रियायती मकान तैयार करने और राजीव आवास योजना के तहत अब तक की प्रगति का की समीक्षा की जाएगी।
3 करोड़ घरों की होगी जरूरत
इसके अलावा डेवलपरों और बिल्डरों को किफायती मकान तैयार करने के लिए सहायता देने पर भी बातचीत की जाएगी। साथ ही शहरी इलाकों में विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने की चुनौतियों और इससे निपटने के उपायों पर भी मंथन होगा।
महत्वपूर्ण यह है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में मोदी सरकार ने इसकी घोषणा की थी। माना जा रहा है कि मोदी सरकार के एजेंडे में होने के कारण आम बजट में इसके लिए पर्याप्त फंड की व्यवस्था हो सकती है।
शहरी विकास मंत्रालय के मुताबिक फिलहाल शहरों में 190 लाख मकानों की कमी है, जो 2022 तक 300 लाख तक पहुंच सकती है। ऐसे में एजेंडे को पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने वाले साल यानी 2022 तक सभी को आवास देने की योजना तैयार की गई है।