हंगामे की आशंका के बीच संसद में पेश होंगे 4 बिल
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राज्य सभा में बुधवार को चार विधेयक विचार करने और सदन की मंजूरी के लिए पेश किए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ‘द व्हिसिल ब्लोअर प्रोटेक्शन(अमेंडमेंट)बिल’ होगा।
इसे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह पेश करेंगे। सरकार जहां राज्य सभा में विधेयकों को पेश करने और सदन की मंजूरी दिलाने के लिए व्यग्र है, वहीं हंगामे की आशंका के कारण इन पर चर्चा और मंजूरी के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
रोजमर्रा के विधायी कामकाज के क्रम में कुल चार बिलों को सदन में मंजूरी के लिए पेश किया जाना है। नेशनल वाटरवेज बिल-2015 को भूतल परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, द कैरिज बाई एयर (संशोधन) बिल-2015 को नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू और द ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड को खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान पेश करेंगे।
हंगामे की भेंट न चढ़ा सदन तो शुरू होगी प्रक्रिया
आम तौर सरकार बिलों को सदन में चर्चा और मंजूरी के लिए पेश करती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विधायी कार्य शुरू होता है, लेकिन पिछले साल जिस तरह संसद का मानसून और शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा है उसको देखते हुए जीएसटी समेत अन्य महत्वपूर्ण बिलों को सदन की मंजूरी मिल पाने के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
बिलों को सदन की मंजूरी दिलाने में सहयोग के बारे कांग्रेस ने पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा का कहना है कि इस बारे में कांग्रेस बिलों की मेरिट देखकर निर्णय लेगी।