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कैंपाकोला: विरोध खत्म, आज होगी कार्रवाई

Mon, 23 Jun 2014 07:59 AM IST
एजेंसी/मुंबई
एजेंसी/मुंबई Updated Mon, 23 Jun 2014 07:59 AM IST
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today action in campa cola case

दो दिन के विरोध के बाद आखिरकार कैंपाकोला कंपाउंड के निवासियों ने विरोध समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ बैठक के बाद फ्लैट के निवासियों ने यह निर्णय लिया।

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मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अब सोमवार से कैंपाकोला के 102 अवैध फ्लैटों के पानी, गैस और बिजली आपूर्ति का कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू करेगा। कैंपाकोला कंपाउंड के लोगों ने संवाददाता ने कहा कि सीएम ने सोसाइटी में बने अवैध फ्लैटों को नहीं गिराए जाने का आश्वासन दिया है।
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हालांकि रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन में दो महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाना पड़ा।

फ्लैटों को बचाने के लिए राष्ट्रपति से गुहार

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उधर, सोसाइटी के लोगों ने अपने फ्लैटों को बचाने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के यहां भी गुहार लगाई है। सोसाइटी के निवासी अंकित गर्ग ने कहा, ‘हमने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है और निवेदन किया है कि वे निर्देश दें ताकि अवैध फ्लैटों को नियमित किया जा सके।

साथ ही हमने उनसे आग्रह किया है कि वे हमारी सोसाइटी को माफी दें क्योंकि बहुत सारे वरिष्ठ नागरिक यहां पर रह रहे हैं और उनके पास रहने का कोई वैकल्पिक ठिकाना नहीं है।’

अधिकारियों की टीम दो दिन के असफल प्रयास के बाद रविवार को फिर कैंपाकोला कंपाउंड पहुंची थी, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

टकराव समस्या का हल नहीं है: सीएम

today action in campa cola case

इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के विधायक बाला नांदगांवकर के साथ कैंपाकोला निवासियों ने मुख्यमंत्री चव्हाण से मुलाकात की। मगर उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया।

कैंपाकोला सोसाइटी के निवासियों से चव्हाण ने सिर्फ इतना कहा कि टकराव समस्या का हल नहीं है। लेकिन सोसाइटी के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे उन सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करेंगे जो इसका कानूनी हल हो सकता है।

इसके बाद सोसाइटी के लोगों को समझ में आ गया है कि टकराव से कुछ हासिल नहीं होगा। दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद बीएमसी पर कैंपाकोला के अवैध फ्लैट को गिराने की मजबूरी है, जबकि बीते 25 साल से रह रहे लोग कोर्ट के आदेश के बावजूद फ्लैट खाली करने के लिए तैयार नहीं थे।

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