मोदी की सख्ती पर डैमेज कंट्रोल में जुटे नड्डा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिगरेट, बीड़ी के पैकेटों पर सचित्र चेतावनी का आकार बढ़ाने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीखे तेवर सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा छवि बचाने की जुगत में है।
नड्डा के करीबियों का कहना है कि मंत्रालय तो 65 फीसदी की जगह 85 फीसदी हिस्से में चेतावनी छापने का पक्षधर रहा है। इससे पहले, स्वास्थ्य मंत्री इस मामले में गठित संसदीय समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों को महत्व देने की बात करते रहे हैं।
नड्डा के करीबी दावा कर रहे हैं कि पीएम ने 65 फीसदी हिस्से में चेतावनी छापने संबंधी कोई निर्देश नहीं दिया है। उल्लेखनीय है कि पीएम ने बीड़ी उद्योग से जुड़े पार्टी सांसद के इस समिति में शामिल होने पर भी नाराजगी जताई थी।
चेतावनी बढ़ाने पर पहले से है सहमति
पीएम मोदी ने बंगलूरू में पार्टी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 65 फीसदी हिस्से में चेतावनी छापने और संसदीय समितियों में हितों का टकराव आने का अवसर पैदा न होने देने की नसीहत दी थी।
चूंकि यह निर्देश पीएम ने पार्टी फोरम पर दिया था, इसलिए नड्डा के करीबी यह कहकर उनकी छवि बचाने के प्रयास में हैं कि इस आशय का कोई निर्देश दिया ही नहीं गया।
पहले विधायी संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट को अंतिम और मान्य मानने वाले स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि फरवरी में संसदीय समिति के समक्ष 85 फीसदी तक चेतावनी बढ़ाने पर सहमति जताई जा चुकी है। लेकिन इस मामले में समिति के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण यह है कि मंत्रालय के अधिकारी अब भी समिति की रिपोर्ट को अंतरिम मान रहे हैं, क्योंकि रिपोर्ट में तमाम पक्षकारों से विस्तार से चर्चा के बाद निर्णय लेने की सिफारिश की गई है। उनका कहना है कि इस पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।