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अप्रैल से तंबाकू उत्पादों पर और बड़े साइज की होगी खतरे की चेतावनी

Sun, 20 Dec 2015 08:46 AM IST
Updated Sun, 20 Dec 2015 08:46 AM IST
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Tobacco Products Warning

तंबाकू उत्पादों के पैकेट के 85 फीसदी भाग पर खतरे की चेतावनी की तस्वीर लागू करने की लंबे समय से चल रही कसरत जल्द पूरी होगी। चित्र चेतावनी के आकार बढ़ाने के मामले पर केंद्र सरकार दबाव में आने के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस फैसले को आगामी 1 अप्रैल से पूरी तरह लागू करने के लिए अपनी कवायद शुरू कर दी है।

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टीवी और मीडिया में तंबाकू उत्पाद के प्रचार की निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया जा रहा है। तो जनता को जागरूक बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय संचार माध्यमों के लिए फिल्मों के साथ तरह-तरह के उपाय तैयार कर रहा है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि आगामी 1 अप्रैल से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर चेतावनी के चित्र की साइज 85 फीसदी रहेगी। उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों के खिलाफ सरकार के जागरूकता अभियान का असर जमीन पर उतर रहा है।
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वैसे राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने चित्र चेतावनी का आकार बढ़ाने के लिए अधिसूचना दोबारा से जारी कर दी है।

मगर इस अधिसूचना को अमल में लाने के लिए सरकार को कई कदम उठाने की जरूरत है। बीते मार्च में भी सरकार ने प्रयास किया था। लेकिन तंबाकू लॉबी के दबाव के वजह से प्रयास असफल रहा था।

जनता को जागरूक करने को स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा है तैयारी

Tobacco Products Warning

संसदीय समिति को भी सरकार ने अपनी मंशा से अवगत करा दिया है। हालांकि लोकसभा की अधीनस्थ विधायी समिति की आशंकाओं का निवारण सरकार अपने स्तर पर कर चुकी है। मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब कोई रुकावट नहीं है।

मौजूदा समय में देश में तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर चित्र चेतावनी का आकार 40 फीसदी है लेकिन ज्यादातर देशों ने इस आकार को बढ़ा दिया है। चित्र चेतावनी को तंबाकू सेवन की रोकथाम में बेहद प्रभावी माना जाता है।

कृषि मंत्रालय ने तंबाकू किसानों की रोजी-रोटी की चिंता का ख्याल रखते हुए इसकी मुकम्मल रणनीति बनाई है। तंबाकू किसानों को वैकल्पिक फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्रालय की ओर से किसानों को तंबाकू की जगह मिर्च, प्याज, मक्का, सूर्यमुखी, आलू, गेहूं, सरसों, गन्ना, सोयाबीन, मूंगफली, काला चना, हरा चना, धान आदि की फसलें उगाने में मदद दी जा रही है। तंबाकू उत्पादों के खिलाफ सरकार की मुहिम रंग भी लाई है।

देश में सिगरेट के उत्पादन और खपत में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में सिगरेट का उत्पादन 11010।11 करोड़ पिस था। तो इस वर्ष में सिगरेट की खपत 10178।49 करोड़ पिस रहा। तो वर्ष 2014-15 में सिगरेट का उत्पादन घटकर 10526।89 करोड़ पिस रहा, इस दौरन खपत भी कम होकर 9322।85 करोड़ पिस रहा।

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