आतंकवाद पर अंकुश के लिए उनकी फंडिंग पर चोट जरुरी: मोदी
आतंकवादी संगठन ड्रग्स की तस्करी, बैंक डकैती, नकली नोट की छपाई और यहां तक कि वाहन चोरी जैसे संगठित अपराध के जरिए धन इकट्ठा कर रहे हैं। इसमें कई देश भी सीधे या परोक्ष रुप से इस संगठित अपराध में भागीदार हैं। आईएसआईएस के खिलाफ फ्रांस की विध्वंसक कार्रवाई को भारत के समर्थन के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकी संगठन फंडिंग के लिए किसी भी नए तरीके को अपनाने में नहीं हिचक रहे।
पेरिस पर आतंकी हमले के बाद यह बात एक बार फिर सच साबित हुआ है। मोदी ने सुरक्षा संस्थानों को इस गंभीर खतरे के प्रति चेताते हुए कहा कि आतंकवाद पर अंकुश के लिए उसकी फंडिंग के अलग अलग जरिए पर चोट करना जरुरी है।
बुधवार को सीबीआई और इंटरपोल के समारोह में मोदी ने कहा कि पेरिस हमले ने दुनिया को याद दिला दिया है कि आतंकवादियों ने पैसे उगाहने के लिए कोई भी तरीका अपना सकते हैं। लिहाजा दुनिया भर के सुरक्षा तंत्र को मिलकर इसपर अंकुश लगाना होगा।
सहयोग की जरूरत
मोदी के मुताबिक संगठित अपराध के वैश्विकरण ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इस माहौल में काला धन तेजी से सफेद धन की जगह ले रहा है। इसके अलावा संगठित अपराध सकारात्मक अर्थव्यवस्था और निवेश के माहौल को भी खराब कर रहा है।
इस मौके पर मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के गठन होते ही काले धन पर एसआईटी गठित की गई। धीरे धीरे इसके फायदे सामने आ रहे हैं। यह देखा गया है कि नए तकनीक की वजह से काला धन एक देश से दूसरे देश में पलक झपकते ही पहुंच जाता है। ऐसे में जरुरी है कि सभी देश मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें।