भाजपा से निपटने को ममता का अलग दांव
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भाजपा को उसी के अंदाज में जवाब देने की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की धमकी पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अमल करना शुरू कर दिया है।
पार्टी ने भाजपा शासित राज्यों में अपने सांसदों की टीम भेजने के क्रम में सबसे पहले मध्य प्रदेश को चुना है, जहां एक आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप और गांव में बिना कपड़ो के घुमाए जाने का मामला सामने आया है।
भाजपा ने बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हो रहे हमलों को देखते हुए सांसदों की टीम भेजी थी, तृणमूल के इस कदम को उसी की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इसे ममता की हताशा करार दिया क्योंकि बंगाल में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से तृणमूल प्रमुख घबरा गई हैं।
महिला के साथ गैंगरेप
तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंदू शेखर रे कहा कि पांच सांसदों का दल मध्य प्रदेश के भैली खेड़ा गांव का दौरा करेगा जहां एक आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप हुआ और बिना कपड़ो के गांव में घुमाया गया था। रे दल का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा कि टीम अगले दो से तीन दिनों के अंदर गांव का दौरा करेगा और अपनी रिपोर्ट पार्टी सुप्रीमो को देगा। वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि तृणमूल सांसदों को मध्य प्रदेश भेजने का निर्णय पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की हताशा को दिखाता है। वह एक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने की बजाय प्रतिक्रिया देने में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव से ममता बनर्जी घबरा गई हैं। इसलिए वह प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने की जगह ऐसे हथकंडे अपना रही हैं।