तीस्ता बोलीं, ‘हिंदू पाकिस्तान’ के असंवैधानिक एजेंडे की हार
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सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि बिहार चुनाव में जनता ने ‘हिंदू पाकिस्तान’ के असंवैधानिक एजेंडे को नकार कर देश के अमन पसंद लोगों को दीपावली मनाने का मौका दिया है।
बिहार का जनमत देश का भविष्य बदलने में मददगार होगा। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा को असंवैधानिक बताया। कहा कि राष्ट्र के निर्माण में जिस आरएसएस का कोई योगदान नहीं रहा है, उसी के इशारे पर चलने वाली केंद्र की सरकार हिंदू राष्ट्र के नाम पर ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने का सपना देख रही है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान में सांप्रदायिक कट्टरता हावी है, वैसे ही हिंदू राष्ट्र की सोच के पीछे कट्टर मानसिकता झलकती है। कहा कि यूपी, गुजरात समेत अन्य विधानसभा चुनावों पर भी इस जनमत का प्रभाव पड़ेगा।
'बिहार ने दिया दीपावली का जश्न मनाने का मौका'
सर सैय्यद डे पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेने वाराणसी आईं तीस्ता ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस देश को बनाने और आजाद कराने में सबका खून बहा है। किसी एक ने अपने बूते देश को खड़ा नहीं किया। विपक्ष के बिखराव का फायदा उठाकर केंद्र की सत्ता पर काबिज फासीवादी ताकतें अब देश पर पक्षपाती विचारधारा थोपने पर आमादा हैं।
असहिष्णुता, बीफ जैसे मुद्दों पर टिप्पणी किए बिना उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र के नाम पर एक ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने की कोशिशें हो रही हैं। इस एजेंडे को बिहार की जनता ने खारिज कर दीपावली पर सबको खुशी दी है। फासीवादी ताकतों के कदम को रोकना वक्त की मांग थी। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह एकजुट होकर फासीवादी ताकतों का जवाब दें, ताकि देश में साझा संस्कृति के मूल्यों की रक्षा हो सके।