टाइम की राय में मोदी बेहतर या मनमोहन, जानिए
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भारत और चीन, दोनों ही मुल्कों की कमान ताकतवर नेताओं के हाथ में है। वे इतिहास पर अपना प्रभाव छोड़ने के लिए बेकरार हैं। मनमोहन सिंह के एक दशक के निरुत्साहित शासन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़कर नेतृत्व करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व की 100 सर्वाधिक प्रभावशाली शख्सियतों में शुमार करने के बाद टाइम ने ये बातें कही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में कसीदे पढ़ते हुए टाइम ने कहा है कि भारत और चीन दुनिया के सबसे गतिमान देश हैं, हालांकि सालों तक उनके नेताओं में वह गति नहीं दिखी, लेकिन अब ये मुल्क बेहतर हाथों में है।
भारत की पिछली सरकार के बारे में टिप्पणी करते हुए टाइम ने कहा कि भारत में एक दशक तक मनमोहन सिंह का निरुत्साही नेतृत्व रहा। ऐसी टिप्पणी पत्रिका ने पूर्व चीनी राष्ट्रपति हूं जिंताओं को लेकर भी की।
पत्रिका ने कहा कि हालांकि भारत और चीन दोनों ही मुल्कों का नेतृत्व अब ताकतवर नेताओं के हाथ में आ चुका है।
मोदी की तारीफ में ओबामा का लेख
उल्लेखनीय है कि टाइम में लिखे अपने लेख में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी। लेख में उन्होंने मोदी को भारत का रिफॉर्मर इन चीफ (बदलाव के अगुवा) करार दिया।
अपने लेख में अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि भारतीय प्रधानमंत्री बचपन में अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए चाय बेचने में पिता के हाथ बंटाया करते थे। आज वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया हैं।
ओबामा ने कहा कि गरीबी से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले मोदी की कहानी उभरते हुए भारत की गतिशीलता और उसकी क्षमताओं को दर्शाती है। वह भारत को वाकई में तरक्की की राह पर ले जाना चाहते हैं और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने को भी तैयार हैं।
मोदी के अमेरिकी दौरे को याद करते हुए ओबामा ने लिखा कि जब मोदी वाशिंगटन आए तो मैं उनके साथ डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर के स्मारक पर गया था। उस वक्त हमने गांधी और किंग के बताए रास्ते को याद किया। हमारे देश की जैसी पृष्ठभूमि और आस्था की विविधताएं हैं, उसे देखते हुए हमें उनकी रक्षा करनी है। उन्होंने लिखा कि भारत में एक अरब से भी ज्यादा भारतीय साथ-साथ रह रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं, यह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरक मॉडल हो सकता है।