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याकूब को मिली सजा, टाइगर मेमन अब भी फरार

Thu, 30 Jul 2015 04:02 PM IST
Updated Thu, 30 Jul 2015 04:02 PM IST
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Tiger Memon and his role in Mumbi Blast

मुंबई बम धमाके में दोषी याकूब मैमन को लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई। लेकिन धमाकों के लिए दोषी टाइगर अब भी है फरार। यह मुंबई में 12 मार्च, 1993 को सुनियोजित तरीके से हुए सीरियल बम ब्लास्ट में पहली फांसी है। इस बम कांड में 257 व्यक्ति मारे गए थे और 713 अन्य जख्मी हुए थे।

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इस कांड को रचने में तीन लोगों ने अहम भूमिका निभायी थी जिनमें मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम,उसका छोटा भाई अनीस इब्राहम, टाइगर मेमन शामिल थे। हालांकि इन तीन के अलावा कुछ और भी अहम लोग थे जिनमें याकूब मेमन को फांसी दे दी गई है।
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मुंबई में 1993 में हुये विस्फोट की घटनाओं में शामिल अभियुक्तों को प्रशिक्षण देने में पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेन्सी आईएसआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दाऊद और अनीस के बाद टाइगर मेमन जो याकूब का भाई है ने ही धमाकों को करवाने में अहम कार्य किया था।

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क्या है टाइगर का रोल?

Tiger Memon and his role in Mumbi Blast

मुंबई बम धमाकों का सबसे अहम आरोपी जमाल उर्फ टाइगर मेमन है क्योंकि इस धमाकों को अंजाम तक पहुंचाने का काम किया टाइगर मेमन ने किया था। 1993 के मुंबई बम धमाकों की साजिश का मास्टरमाइंड तो दाऊद इब्राहीम था लेकिन इन धमाकों को अंजाम तक जमाल उर्फ टाइगर मेमन ने पहुंचाया था।

इस मामले की जांच कर रही सीबीआई और मुंबई पुलिस के मुताबिक मेमन ही वो व्यक्ति है जिसने धमाकों में इस्तेमाल किए गए हैंड ग्रेनेट, डेटोनेटर और विस्फोटक पदार्थों को भारत में पहुंचाया।

जांच में यह भी सामने आया कि टाइगर मेमन ही वो शख्स है जिसमें दाऊद इब्राहिम के साथ मिलकर फरवरी और मार्च 1993 के बीच कई लोगों को हथियार चलाने, बम और रॉकेट लॉंचर चलाने की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान भेजा था। इनमें फारुक मुहम्मद, शाहनवाज अब्‍दुल कादर कुरैशी, जाकिर हुसैन नूर मोहम्मद शेख, अब्दुल खान, अकरम अमानी मलिक सहित कई लोग शामिल थे जो बाद में मुंबई के धमाकों में अभियुक्त भी थे।

इसके बाद मार्च 1993 में टाईगर मेमन ने कई लोगों को सधेरी औऱ बोरघट में भी ट्रेनिंग कराई। 11 मार्च 1993 को टाइगर के घर पर ही वाहनों में आरडीएक्स लोड किया गया था जिन्हें अलग-अलग जगह पर पार्क किया गया और धमाकों को अंजाम दिया गया।

गाड़ी से मिला मेमन परिवार का सुराग

Tiger Memon and his role in Mumbi Blast

बेहद सावधानी से धमाकों को अंजाम तक पहुंचाने के बावजूद धमाके में इस्तेमाल एक गाड़ी और कुछ हथियारों ने पुलिस के सामने टाइगर मेमन नाम के शख्स का नाम सामने ला दिया था।

सूत्रों के अनुसार जो गाड़ी हथियारों से भरी बरामद हुई थी उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन टाइगर की भागी के नाम से था। बस यही कड़ी थी जो मेमन परिवार को पुलिस के सामने ले आयी थी। रजिस्ट्रेशन पेपर्स के बल पर उनकी खोज हुई तो पता चला कि मेमन परिवार धमाकों वाले ‌दिन सुबह ही दुबई चला गया था। उनके इस कृत ने जांच एंजेसियों का शक और बढ़ा दिया।

बस पुलिस को जानकारी मिली कि टाइगर बांद्रा की एक नामी कॉलगर्ल सोमा लाला के पास बहुत जाता था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने सोमा को पकड़ा और उससे टाइगर के दोस्तों के बारे में जानकारी जुटाई।

इस पूरी साजिश को अंजाम देकर टाइगर देश छोड़कर फरार हो गया था। वह अब भी पुलिस की गिरफ्त से अभी बाहर है।

कुछ परिजन जेल में

Tiger Memon and his role in Mumbi Blast

मेमन परिवार धमाके की सुबह दुबई में छुट्टियां मनाने मुंबई से फरार हो गया था। टाइगर को छोड़कर उन सभी ने दावा किया था कि उन्हें इस अपराध के पारे में कुछ भी पता नहीं था। ये याकूब ही थे जिन्होंने मामले की कमजोर कड़ियों को जोड़ा और जरूरी सबूत दिए थे।

याकूब से मिली जानकारी के अनुसार भारत छोड़ने के बाद याकूब और उनके परिवार को कराची में एक सुरक्षित जगह रखा गया था। अपनी गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अपने परिवार और पत्नी को भारत आने के लिए मनाया। इसके बाद उनके परिजनों को 25 अगस्त 1998 को गिरफ्तार किया गया था।

याकूब की पत्नी रहीन, उस समय गर्भवती थीं और पांच सितम्बर को दुबई से भारत आने के बाद उन्होंने एक लड़की को जन्म दिया। उनके पिता अब्दुल रज्जाक सुनवाई के दौरान गुजर गए और उनकी मां हनीफ, पत्नी रहीन और भाई सुलेमान कोर्ट से बरी हो गए। जो वाहन धमाकों में इस्तेमाल हुए थे वह मेमन के परिजन जिनमें दो भाई और भाभी शामिल हैं के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

इनमें दो भाई एसा और यूसुफ को बीमारी के कारण उम्र कैद हो चुकी है और भाभी रुबीना भी उम्रकैद की सजा भुगत रही हैं। साथ ही टाइगर को छोड़कर एक अन्य भाई अयूब फरार है और बाकी परिवार भारत में रह रहा है।

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