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अब तक 5, और कितनी जानें लेगी ये आदमखोर?

Fri, 10 Jan 2014 09:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Fri, 10 Jan 2014 09:00 PM IST
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tiger attack in muradabad

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद से बिजनौर तक लोग आजकल एक बाघिन के आतंक से दहले हुए हैं। वन संरक्षक कमलेश कुमार के अनुसार 8 जनवरी को मुरादाबाद में एक महिला को शिकार बनाने के बाद बाघिन बिजनौर की तरफ गई है।

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एक एक करके पांच जिंदगियां खत्म करने वाली बाघिन को आखिरकार विभाग ने भी आदमखोर मान लिया है। अब उसे मारने के लिए परमिट जारी होगा। एक्सपर्ट शिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
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फिलहाल, वन विभाग आदमखोर हो चुकी इस बाघिन को 11 दिनों से तलाश रही है। तलाशी अभियान के बावजूद बाघिन लगातार इंसानों को अपना शिकार बनाती जा रही है। आइए जानते हैं, इस बाघिन के आतंक की पूरी कहानी-

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26 जनवरी को मिली थी युवक की खाई हुई लाश

tiger attack in muradabad

29 जनवरी को जब टाइगर ने कुढ़ क्षेत्र में युवक को शिकार बनाया था तो पहले कोई जानवर बताया गया जबकि गांव वाले बार-बार चीखते रहे कि तेंदुए जैसा है। चूंकि गांव में बाघ आने की ग्रामीण कल्पना नहीं कर रहे थे इसलिए पहले दिन तेंदुआ ही माना।

यूं तो 26 को बहजोई के हसनपुर खुर्द में भी अज्ञात की लाश मिली थी जिसको जानवर का खाया मान लिया गया था। पर जब 29 को भी मीठनपुर मौजा के विजय मौर्य को टाइगर ने शिकार बनाया तो शोर मचा।

वन विभाग ने इसके बाद सर्च टीमें तो तमाम जगहों से बुलाई। कैमरों की फ्लैश लाइटों में अफसर जेसीबी के ऊपर चढ़े भी दिखे लेकिन हर दिन पद चिह्न देखने के अलावा हुआ कुछ खास नहीं। एक दिन टाइगर दिखा भी तो अफसर देखकर भी कुछ नहीं कर सके। उसके खतरे का एहसास था लेकिन वन विभाग यह तक नहीं बता सका कि टाइगर किन इलाकों में हैं। न ही सतर्क किया गया था, यही वजह थी कि छजलैट के चंगेरी में बाघिन ने एक और शिकार किया।

बाघिन ने किया तीसरा शिकार

tiger attack in muradabad

बाघिन को पकड़ने के लिए आठ दिन से ऑपरेशन भी चल रहा था। लेकिन वन विभाग की सारी सजगता धरी रह गई और रविवार को बाघिन ने छजलैट के चंगेरी गांव में एक और युवक को मार डाला। बाघिन के आतंक से पूरे मंडल के लोग डरे-सहमे हुए हैं।

चंगेरी गांव में सुबह दस बजे रघुनाथ सिंह और उनका बेटा राजीव विश्नोई गन्ने की छिलाई कर रहे थे। अचानक गन्ने के खेत से निकली बाघिन ने राजीव पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर खेत के अंदर ले जाने लगी। इस दौरान रघुनाथ ने बाघिन पर गन्ने से ताबड़तोड़ वार किया।

जब तक रघुनाथ अपने इकलौते बेटे को बाघिन के मुंह से निकाल पाता तब तक उसकी मौत हो गई थी। बाघिन की दहशत में जिला पहले से ही था, जैसे ही यह खबर फैली संभल, अमरोहा और मुरादाबाद जिलों के 45 किलोमीटर के दायरे में डर की लकीर खिंच गई। देरी से पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघिन को ढूंढने के लिए कांबिंग की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आई।

किशोरी बनी चौथा शिकार

tiger attack in muradabad

मुरादाबाद से करीब 40 किलोमीटर और कांठ से 12 किलोमीटर दूर है मल्लीवाला गांव (चैंदरी अकबरपुर)। यहां किसान मदन सिंह सैनी परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार की दोपहर मदन सिंह की पत्नी चमन अपनी बेटियों सावित्री (16), शोभा (14), पुष्पा (12) और नीलम (8) को लेकर खेत पर गई थी। चमन बरसीन काट रही थी जबकि चारों बहनें खेत में बैठी थीं। इसी दौरान शोभा पास के खेत में गन्ना तोड़ने चली गई।

सावित्री भी पीछे पीछे चल पड़ी। तभी गन्ने के खेत में घात लगाए बैठी बाघिन ने शोभा पर हमला कर दिया और खींचकर खेत में ले गई। खेत के बाहर खड़ी सवित्री ने शोर मचाया तो मां चमन समेत आसपास खेतों में काम कर रहे लोग हल्ला मचाते हुए खेत में घुसे तो बाघिन शोभा को छोड़कर भाग गई। सिर में गहरी चोट से शोभा की मौत हो गई थी।

डेढ़ किमी पीछे रह गई सर्च आपरेशन टीम
बाघिन ने मंगलवार को जिस स्थान पर किशोरी को शिकार बनाया उससे करीब एक से डेढ़ किलोमीटर पीछे वन विभाग की टीम का सर्च आपरेशन चल रहा था। पिछले 10 दिनों से यह आपरेशन चल रहा है, लेकिन टीमें कुछ नहीं कर सकीं।

बाघिन ने किया पांचवां शिकार

tiger attack in muradabad

वन विभाग की टीमें सर्च करती रह गईं और बाघिन ने एक और महिला को पांचवां शिकार बना डाला। गन्ना छील रही दरियापुर गांव की महिला की गर्दन मुंह में दबाकर बाघिन खेत में घसीटकर ले गई।

बाघिन ने दरियापुर के जंगल में गन्ने से अगोला काट रही सुरेश कुमार की पत्नी दुलारी देवी (35) पर हमला कर दिया। बाघिन उसकी गर्दन मुहं में दबाकर खेत में खींचकर ले गई। ग्रामीण जब पहुंचे तो वह दुलारी को खा रही थी। शोर सुनकर बाघिन बिजनौर की ओर भाग गई।

बाघिन द्वारा महिला को मौत के घाट उतारने की खबर पर कांठ का पुलिस प्रशासन व वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। वन विभाग द्वारा मंगाए गए हाथी उस स्थान पर नहीं घुसे, जहां बाघिन होने का संदेह था।

वन विभाग का शर्मनाक ऑपरेशन

tiger attack in muradabad

वन विभाग के रिकार्ड में यह शर्मनाक आपरेशन के रूप में दर्ज होगा। ग्यारह दिनों से पूरी ताकत झोंक दी गई। तमाम अफसर मोरचा संभाले हैं। स्थानीय प्रशासन व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है और बाघिन फिर भी एक के बाद एक जान लेती जा रही है। हैरत यह है कि ग्यारह दिनों में ठीक से यह टीमें ठीक से न तो बाघिन को देख पाए हैं और न ही कोई हथियार आजमा सके हैं। सिर्फ और सिर्फ पदचिह्न देखकर आंकलन का कागजी काम किया गया।

29 दिसंबर को जब कुढ़ क्षेत्र के मिठनपुर मौजा में युवक को बाघिन ने मारा था तब धीरे-धीरे नींद टूटीं। टीमें पहुंचनी शुरू हुईं। कभी लखनऊ तो कभी कार्बेट तो कभी नैनीताल तो कभी दुधवा की टीम आने की बातें हुईं। पहले पिंजरे लगाए गए। बाद में जेसीबी से बाघिन ढूंढने का नाटक चला लेकिन जबतक लाव लश्कर संभलता शाम हो जाती और हो हल्ला के अलावा कुछ नहीं होता। खौफ बढ़ता गया। आपरेशन चलता गया लेकिन मौतों का सिलसिला बढ़ गया, रुका नहीं।

बाघिन कब और कहां देखी गई?

tiger attack in muradabad

26 दिसंबर को एक अज्ञात जानवर ने बहजोई के गांव हसनपुर खुर्द में एक व्यक्ति को शिकार बनाया।
29 दिसंबर को तड़के जंगली जानवर ने थाना कुढ़ फतेहगढ़ के गांव मिठ्ठनपुर मौजा में एक युवक को शिकार बनाया।
29 दिसंबर को सूचना पर स्थानीय वन विभाग गांव में पहुंचा और पग मार्क लिए।
29 दिसंबर की शाम को मिठ्ठनपुर गांव के ही ग्रामीण रामवीर को पंजा मारकर घायल कर दिया।
30 दिसंबर को वन विभाग लखनऊ की टीमें क्षेत्र में पहुंची। पग मार्क के आधार पर टाइगर होने की पुष्टि की।
30 दिसंबर को क्षेत्र में टाइगर के होने के साक्ष्य मिले। देर रात आठ बजे डीएफओ संभल ने दस फिट की दूरी से टाइगर को देखा।
31 दिसंबर को क्षेत्र में पैगारफातपुर की झील के पास टाइगर के पंजों के निशान मिले।
01 जनवरी को प्रशासन ने क्षेत्र में सीतापुर, लखीमपुर खीरी, जिम कार्बेट पार्क और नैनीताल जू की टीमें पहुंची।
01 जनवरी की शाम प्रशासन ने ईख काटने का फैसला लिया। क्षेत्र में शावक के होने के भी साक्ष्य मिले।
04 जनवरी थाना मैनाठेर के गांव जटपुरा में टाइगर के दो दिन पुराने पंजों के निशान मिले।
04 जनवरी की रात वन विभाग ने टाइगर के अमरोहा के गांव धनुपुरा से होकर गुजरने की पुष्टि की।
05 जनवरी को छजलैट के गांव चंगेरी में एक युवक को हमला कर मार कर दिया।
07 जनवरी को कांठ के गांव मल्लीवाला में युवती को मार डाला।

ये बरतें सावधानियां

tiger attack in muradabad
-खेतों में अकेले न जाएं, सामूहिक रूप से ही खेतों में आवाज करते हुए प्रवेश करें। लाठी लेकर जाएं।
- बच्चों के किसी भी स्थिति में खेतों पर न जाने दिया जाए।
- जहां टाइगर की संभावना है वहां गन्ने की कटाई बंद कर दें।
-रात के समय भी अकेले बाहर न निकलें।
-तालाब और पोखर पर अकेले न जाएं।
-अगर कहीं बाघ दिखाई दे तो उसे छेड़े ना। पत्थर या डंडा न मारें।

टाइगर दिखाई दे या फिर पंजों के निशान मिलें तो तत्काल बताएं।
इन नंबरों पर दी जाए सूचना

मुरादाबाद-9452215395, 8853761340,9410430043,
अमरोहा-9458475020,9837186009,9897115959,9415470979
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