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ग्वालियर: मंत्री के बेटे से रैगिंग के आरोपी तीनों छात्र निष्कासित

Tue, 26 Aug 2014 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्वालियर
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्वालियर Updated Tue, 26 Aug 2014 10:18 PM IST
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three student rusticated from school in minister son ragging case.

ग्वालियर के दुर्ग स्थित सिंधिया स्कूल प्रबंधन ने बिहार के सहकारिता मंत्री जयकुमार सिंह के पुत्र आदर्श सिंह के साथ रैगिंग के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसके साथ आरोपी तीन छात्रों को निष्कासित कर दिया है, वहीं दो कर्मचारियों को कार्य से विमुक्त कर दिया। छात्र और कर्मचारियों को बहोड़ापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी को जमानत पर भी रिहा कर दिया गया। इधर आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान सिंधिया स्कूल के प्राचार्य शमिक घोष सवालों से बचते नजर आए।

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सिंधिया स्कूल प्रबंधन ने मंगलवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर रैगिंग मामले में अपनी सफाई दी। स्कूल के प्राचार्य शमिक घोष, उप प्राचार्य श्रीमती शालिनी मल्होत्रा ने रैगिंग मामले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि तीनों छात्रों आशुतोष मिश्र, रितुराज शेखर और शैलेश नरवरिया को स्कूल से निष्काशित कर दिया है। इसके साथ ही हाउस मास्टर परमप्रीत ग्रेवाल और सहायक हाउस मास्टर अर्पण को डयूटी से हटा दिया है।
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उन्होंने छात्र आदर्श सिंह के जल्दी स्वस्थ्य होने की कामना भी की। इसके बाद जब पत्रकारों ने सवाल किए तो प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया। बस इतना कहा कि स्कूल प्रबंधन पुलिस की जांच में सहयोग कर रहा है। इसके बाद बीच कांफ्रेंस में ही प्राचार्य और उपप्राचार्य कांफ्रेंस हाल से चले गए।
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उधर, देर रात छात्र आदर्श सिंह की रैगिंग के मामले में बहोड़ापुर पुलिस ने कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रथम सूचना प्रतिवेदन (एफआईआर) दर्ज कर ली है। वहीं पुलिस ने तीनों निष्कासित छात्रों और दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया।

बीच में ही छोड़ी प्रेस कांफ्रेंस
सिंधिया स्कूल प्रबंधन द्वारा बुलायी प्रेस कांफ्रेंस में जब मीडिया ने सवाल शुरू किए तो स्कूल के प्राचार्य और उप प्राचार्य पहले तो चुप रहे। इसके बाद बीच में ही प्रेस कांफ्रेंस छोड़ कर चले गए। इसकी वजह कई ऐसे सवाल थे जो सिंधिया कालेज प्रबंधन को परेशानी में डाल रहे थे। जिनका उत्तर प्रबंधन देना ही नहीं चाहता था।


प्राचार्य को कम्युनिस्टों ने घेरा
होटल से बाहर निकलते ही डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीबाईएफआई), स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) सीटू और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने रामविलास गोस्वामी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्राचार्य को घेर लिया। वह सिंधिया स्कूल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनके कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिस पर सिंधिया स्कूल प्रबंधन मुर्दाबाद, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराओ, सिंधिया स्कूल की सीबीएसई की मान्यता समाप्त की जाए जैसे नारे लिखे थे।

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