यूपी: टैंक में दम घुटने से किसान समेत तीन की मौत
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फरीदपुर तहसील क्षेत्र के गांव सिंगाही कलां में मैंथा टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से प्लांट मालिक किसान और दो मजदूरों की मौत हो गई। सबसे पहले एक मजदूर सफाई के लिए उतरा था। अंदर जहरीली गैस से उसका दम घुटने लगा तो उसे बचाने प्लांट मालिक और एक अन्य मजदूर भी उतर गए। कोशिश करने पर भी उसे बचा नहीं पाए और उनकी भी दम घुटने से मौत हो गई।
सिंगाही निवासी अफसान खां का मैंथा प्लांट गांव के नजदीक उनके खेत में ही है। छह महीने से बंद प्लांट की उन्होंने तीन जून को सफाई कराई थी। पांच जून को अपने ही खेत से थोड़ा मैंथा पेराई कर प्लांट की क्षमता देखी। सोमवार सुबह आठ बजे वह पड़ोस के गांव सहोड़ा से चार मजदूरों विकास, राजेश, झब्बू और प्रेमपाल को लेकर प्लांट पर पहुंचे। उन्हें टैंक का ढक्कन खुलवाकर सफाई करानी थी।
इसके लिए बीस फुट गहरे टैंक के निचले हिस्से में स्थित जाल में चेन कुप्पी का कुंडा फंसाना जरूरी था ताकि उसे ऊपर खींचकर कचरा हटाया जा सके। पहले विकास जंजीर के सहारे टैंक में उतरा। उसने जाल में कुंडा तो फंसा दिया, मगर वहीं निढाल होकर गिर गया। अफसान ने ऊपर से विकास को गिरते देखा तो आवाज दी। जवाब न मिला तो उसे निकालने को खुद टैंक में उतरे। उन्होंने विकास को कंधे तक उठा लिया पर जंजीर के सहारे ऊपर चढ़ने से पहले उसी के ऊपर गिर पड़े।
पोस्टमार्टम से किया इंकार
बाकी लोग यह दृश्य देखकर कांप उठे पर राजेश से न रहा गया। मना करने के बावजूद वह नीचे उतर गया। मिनट भर के अंदर वह भी इन दोनों के ऊपर ही गिर पड़ा। वहां मौजूद मजदूरों ने शोर मचाया तो गांव से काफी लोग आ गए। फिर चेन कुप्पी के सहारे जाल को ऊपर खींचा गया।
जाल के साथ तीनों के शरीर ऊपर आए जो ठंडे पड़ चुके थे। जीवित होने की उम्मीद में ग्रामीण इन्हें बरेली के निजी अस्पताल ले गए, वहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। गांव में तीनों की उनके धर्म के अनुसार परिजनों ने अंत्येष्टि कर दी।
प्रभारी एसओ अरविंद परिहार गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने शवों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी शाम तक गांव नहीं पहुंचा था।