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तमिलनाडु में तीन छात्राओं ने महंगी फीस का हवाला देते हुए दी जान

Sun, 24 Jan 2016 03:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 24 Jan 2016 03:39 PM IST
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Three medical students commits suicide in TN

तमिलनाडु के कल्लाकुरुचि में एसवीएस योगा मेडिकल कॉलेज की तीन छात्राओं के फीस को लेकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। सुसाइड नोट में छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर ज्यादा फीस देने के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कॉलेज की चेयरमैन वासुकी सुब्रमण्यम को अपनी मौत का कारण बताया है।

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आत्महत्या करने वाली छात्राएं मेडिकल कॉलेज में नैचुरोपैथी की पढ़ाई कर रही थीं। इनका शव शनिवार को कॉलेज के पास स्थित एक कुंए से बरामद हुआ है। घटना के बाद कॉलेज चेयरमैन फरार हैं, जिसके बाद उनके बेटे सुखी वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। कॉलेज में छात्रों ने सितंबर और अक्टूबर में ज्यादा फीस को लेकर पहले भी विरोध किया था और सुसाइड की कोशिश की थी।
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दो पन्‍ने के सुसाइड नोट में छात्राओं-ई सारान्या और वी प्रियंका 18 वर्ष और टी मोनिशा 19 वर्ष ने हस्ताक्षर कर लिखा है कि छात्रों ने सुब्रमण्यम के खिलाफ दर्जनों शिकायत कर रखी हैं पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गयी है। इसलिए अब उन्हें लगता है कि शायद उनकी मौत के बाद प्रशासन कॉलेज चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

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'उस पर कार्रवाई जरूर करिएगा'

Three medical students commits suicide in TN

उन्होंने लिखा है कि कॉलेज प्रशासन छात्रों से ज्‍यादा फीस चार्ज कर रहा है, हर छात्र से लगभग छह लाख रुपए और रसीद भी नहीं दी जा रही है। इस सबके बाद भी कॉलेज पूर्ण रूप से न तो सारे क्लास लगाता है और न ही अच्छे टीचर नियुक्त किए हुए हैं। हमारी आत्महत्या के बाद सुब्रमण्यम कहेंगी की हमारा चाल-चलन खराब था इसलिए हमने जान दी। लेकिन प्लीज उस पर भरोसा मत करिएगा और जांच के बाद उसपर कार्रवाई जरूर करिएगा।

इस घटना पर कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी ने सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि छात्र फीस का विरोध करने के साथ ही अन्य सुविधाओं की भी मांग करते रहे हैं। यह कॉलेज चेन्नई-सालेम मेन रोड पर स्थित है और तमिलनाडु की डॉ0 एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी से स्टेट-पब्लिक यूनिवर्सिटी के तौर पर मान्यता प्राप्त है।

इससे पूर्व यह कॉलेज 2010 में चर्चा में था जब मद्रास हाई कोर्ट ने फर्स्ट ईयर के छात्र से ज्‍यादा फीस वसूले जाने के मामले में कॉलेज को साढ़े पांच साल ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने से रोक दिया था। इस घटना पर विल्लूपूरम रेंज की डीआईजी अनीसा हुसैन ने कहा कि जिले के एसपी के नेतृत्व में एक टीम मामले की छानबीन कर रही है।

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