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चुनाव से पहले दंगों की आग में झुलसा बिहार, तीन गुना ज्यादा दंगे

Fri, 21 Aug 2015 12:37 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 12:37 PM IST
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Three-fold surge in communal incidents in bihar claims newpaper

बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साझेदारी टूटने के बाद से सांप्रदायिक दंगों में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों दलों ने सूबे में लगभग साढ़े आठ साल साझा सरकार चलाई, लेकिन लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के मसले पर जदयू ने भाजपा से राहें जुदा कर लीं।

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जनवरी, 2010 से जून, 2013 तक बिहार में जदयू और भााजपा की सरकार थी, उस दरम्यान सूबे के पुलिस रिकॉर्ड में 226 'सांप्रदायिक वारदातें' दर्ज की गईं।

पुलिस रिकॉर्ड में 'सांप्रदायिक वारदात' उन वारदातों को कहा गया, जिनमें हिंदुओं और मुस्लिमों में संघर्ष हुआ। हालांकि जून, 2013 में जदयू, भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद से महीने भर पहले तक सूबे में तकरीबन 667 सांप्रदायिक वारदातें हुईं।

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चुनाव से पहले दंगों में बढ़ोत्तरी का मतलब क्या है

Three-fold surge in communal incidents in bihar claims newpaper

इंडियन एक्सप्रेस ने बिहार के 38 जिलों के पुलिस रिकॉर्ड खंगालने और लगभग 18 जिलों की यात्रा करने के बाद ये दावा किया है। समाचार पत्र के मुताबिक, इन्हीं 18 जिलों में 70 फीसदी 'सांप्रदा‌यिक वारदातें' हुईं। बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद से ही सांप्रदायिक वारदातों में तेजी आई है।

उल्लेखनीय है कि बिहार में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने हैं और सांप्रदायिक वारदातों के नए आंकड़ों ध्रुवीकरण के प्रयासों का संकेत दे रहे हैं।

समाचार पत्र का दावा है कि जून, 2013 के बाद पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश साप्रदायिक वारदातें या तो साजिशन की गईं या बहुत ही मामूली कारणों से दंगे भड़क गए। कई मामलों में पाया गया कि पूजा स्‍थलों पर जानवरों की मांस फेंक देने से दंगे भड़क उठे।

मुस्लिम इलाकों से निकले जुलूसों में भड़काऊ नारेबाजी की गई। ‌क्रिकेट मामूली झगड़े या मुर्तियों में हुई तोड़फोड़ को सांप्रदाय‌िक रंग दे दिया गया।

मुजफ्फरपुर में पांच गुना ज्यादा दंगे

Three-fold surge in communal incidents in bihar claims newpaper

इं‌डियन एक्सप्रेस के मुताबिक सूबे में जदयू-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद जून, 2013 से जुलाई 2015 के बीच गया में 39 सांप्रदायिक वारदातें हुईं, जबकि जून, 2010 से जून, 2013 के बीच 21 सांप्रदायिक वारदातें हुईं थीं। गया में 12 फीसदी मुस्लिम हैं।

मुजफ्फरपुर में जून, 2013 से जुलाई, 2015 के बीच 35 सांप्रदाय‌िक वारदातें हुईं। जबकि गठबंधन सरकार के तीन सालों यानी जून, 2010 से जून, 2013 के बीच मात्र 6 सांप्रदायिक वारदातें ही हुई थीं। जिले में मुस्लिमों की आबादी 15 फीसदी है।

बेतिया, सिवान, दरभंगा, पटना, सीतामढ़ी, नवादा, नालंदा और रोहतास में दोगुनी से पांच गुनी ज्यादा संख्या में सांप्रदायिक वारदातें दर्ज की गईं।

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