जहर मिला प्रसाद खाने से तीन की मौत
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में अंधविश्वास में जहर मिला प्रसाद खाने से कम से कम 3 आदिवासियों की मौत हो गई है।
इसके अलावा 70 से अधिक लोग गंभीर रुप से बीमार हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिये राजधानी रायपुर और बिलासपुर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है।
राजधानी रायपुर से 170 किलोमीटर दूर बिलाईगढ़ के आदिवासी बहुल ग्राम बोडा में मातर पर्व मनाया जा रहा था। रविवार को पर्व के अंतिम दिन गांव के तांत्रिक ने लोगों को सांप का जहर मिला हुआ प्रसाद बांटा।
इससे पहले तांत्रिक ने कई आदिवासियों को तंत्र-मंत्र सिखाया था और उन्हें विश्वास दिलाया था कि इस तरह का प्रसाद खाने से उन पर आजीवन सांप के जहर का असर नहीं होगा।
इसी अंधविश्वास में गांव के 70 से अधिक लोगों ने प्रसाद खाया। इसके बाद सभी लोगों की हालत गंभीर होने लगी।
जहर वाला प्रसाद खाने से गंभीर लोगों को आरंभिक तौर पर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भर्ती लोगों की हालत गंभीर
जहां हालत बिगड़ने पर 28 लोगों को बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
2 दर्जन से अधिक लोगों को रायपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती लोगों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार टोप्पो के अनुसार- “पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल आरोपी तांत्रिक की गिरफ़्तारी की कोशिश की जा रही है।”
इधर राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश जारी करने के अलावा मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।