तीन दशक पुराने हैं बीएसएफ के विमान, और गृहमंत्रालय को है पूरा भरोसा
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एयर विंग में शामिल चार विमान एक से तीन दशक पुराना है। इनमें सबसे नया एम्ब्रीयर-135जे विमान भी दस साल पुराना हो चुका है।
मंगलवार को दुर्घटनागस्त हुए बीच सुपरकिंग बी-200 को 1995 में खरीदा गया था। इनके अलावा बीएसएफ एयर विंग के दो सबसे पुराने विमान एव्रो एचएस-748 को 1982 में ही शामिल किया गया था।
लेकिन पुराना हो जाने के बावजूद गृहमंत्रालय को इन विमानों पर पूरा भरोसा है। बीएसएफ के मुताबिक सुपरकिंग हादसा एक संयोग है। इससे एयर विंग की काबीलियत पर सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता।
ऐसे चार विमान और 15 हेलीकॉप्टरों का होता है इस्तेमाल
इसी महीने गुजरात के भुज में आयोजित आंतरिक सुरक्षा सम्मेलन के दौरान इसी सुपरकिंग विमान से गृहमंत्रालय के उच्च अधिकारियों ले जाया गया था।
इसके अलावा गृहमंत्रालय की देखरेख में सभी अर्धसैनिक बल इन जहाजों का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। गौरतलब है कि बीएसएफ के एयर विंग का संचालन गृहमंत्रालय करता है।
इन विमानों के अलावा बीएसएफ एयर विंग में 15 हेलीकॉप्टर है। यह विमानों से अपेक्षाकृत नया है। इनमें छह एमआई 17 आईयू, दो एडवांस एमआई-17 वी5, छह एडवांस लाईट हेलीकॉप्टर ध्रुव और एक चीता हेलीकॉप्टर शामिल है।
यह हेलीकॉप्टर नक्सल प्रभावित इलाकों और जम्मू-कश्मीर व उत्तर पूर्व राज्यों के अशांत क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की आवाजाही के लिए खूब इस्तेमाल होता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा और आपादा प्रबंधन में भी बीएसएफ के एयर विंग का सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है।